गया में विधायक ज्योति देवी से दुर्व्यवहार, गाड़ी घेरकर तोड़फोड़ की कोशिश

 


गया में विधायक ज्योति देवी के साथ दुर्व्यवहार, इलाके में बढ़ा तनाव

बिहार के गया जिले में ज्योति देवी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हाथापाई की घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। रविवार शाम मोहनपुर थाना क्षेत्र के गंभीरा गांव के पास ज्योति देवी के वाहन को घेरकर कुछ लोगों ने हंगामा किया। आरोप है कि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की गई और विधायक के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। विधायक की शिकायत पर पुलिस ने सात नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

सड़क पर गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

विधायक ज्योति देवी ने बताया कि वह गंभीरा गांव में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। इसी दौरान सिंगल लेन सड़क पर सामने से आ रही एक सवारी गाड़ी को हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ।

उनके अनुसार, सुरक्षाकर्मियों ने दूसरी गाड़ी को पीछे करने का अनुरोध किया था। इसके बाद गाड़ी में सवार लोग अचानक उग्र हो गए और बहस बढ़ गई।

विधायक ने आरोप लगाया कि करीब 20 लोगों ने उनके वाहन को घेर लिया और गाड़ी का शीशा तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षाकर्मी धीरज कुमार और सूरज कुमार के साथ हाथापाई भी हुई।

जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप

ज्योति देवी ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके सामने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी और कुछ देर के लिए सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

विधायक का कहना है कि अगर स्थानीय ग्रामीण मौके पर नहीं पहुंचते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। ग्रामीणों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई। कई ग्रामीणों ने सार्वजनिक प्रतिनिधि के साथ इस तरह के व्यवहार को गलत बताया।

एस्कॉर्ट सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल

घटना के बाद विधायक ज्योति देवी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मोहनपुर थाना क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद उन्हें स्थानीय पुलिस की एस्कॉर्ट सुविधा नहीं मिली थी।

उनके मुताबिक बाराचट्टी पुलिस की टीम उन्हें सीमा तक छोड़कर लौट गई थी। इसके बाद वे बिना स्थानीय पुलिस एस्कॉर्ट के गंभीरा गांव की तरफ बढ़ रही थीं, तभी यह घटना हुई।

विधायक ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही बाराचट्टी पुलिस मौके पर पहुंच गई। कुछ देर बाद मोहनपुर पुलिस भी पहुंची, लेकिन तब तक आरोपित लोग वहां से भाग चुके थे।

सात नामजद समेत 20 अज्ञात पर केस दर्ज

मामले में मोहनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने विधायक के बयान के आधार पर सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया है।

इनमें लालमाटी गांव के पलटू यादव, दीपक यादव, सुनील यादव, लाडू गांव के सीता यादव, कारू मालाकार, राहुल मालाकार और विक्रम ठाकुर के नाम शामिल हैं। इसके अलावा 20 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

पुलिस अब सभी आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

पहले भी हमले का आरोप लगा चुकी हैं विधायक

ज्योति देवी ने कहा कि चुनाव के दौरान भी उन पर हमले किए गए थे। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है।

उन्होंने थानाध्यक्ष संजय कुमार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। विधायक का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

ज्योति देवी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) की विधायक हैं और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की समधन भी हैं। ऐसे में इस घटना ने राजनीतिक चर्चा भी तेज कर दी है।

स्थानीय लोगों में नाराजगी, पुलिस जांच जारी

घटना के बाद इलाके में पुलिस सतर्क हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार गलत संदेश देता है।

फिलहाल पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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