जमुई के इंजीनियर गोपाल कुमार की संपत्तियों पर EOU की बड़ी जांच
बिहार में आय से अधिक संपत्ति मामले में गोपाल कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी में गोपाल कुमार के कई ठिकानों से करोड़ों रुपये की संपत्ति और नकद भुगतान से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी नकद रकम आखिर कहां से आई।
ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार फिलहाल जमुई के झाझा में तैनात हैं। EOU को उनके पटना स्थित फ्लैटों से कई प्लॉट, फ्लैट और आभूषण खरीद से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला आय से अधिक संपत्ति से कहीं बड़ा हो सकता है।
पटना के फ्लैटों से मिले कई संपत्ति दस्तावेज
EOU की टीम ने पटना के कंकड़बाग स्थित इंदिरा नगर और मजिस्ट्रेट कॉलोनी में मौजूद फ्लैटों की तलाशी ली। इस दौरान कई प्लॉट और संपत्तियों की सेल डीड तथा एग्रीमेंट बरामद किए गए।
जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों की विस्तार से जांच कर रही है। अधिकारियों को शक है कि अलग-अलग नामों से संपत्तियां खरीदी गई हो सकती हैं।
इसके अलावा करीब 47 लाख रुपये के आभूषण खरीदने से संबंधित रसीदें भी मिली हैं। EOU अब यह पता लगाएगी कि इन खरीदारी के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था।
करोड़ों के नकद भुगतान ने बढ़ाई मुश्किल
EOU सूत्रों के मुताबिक, गोपाल कुमार ने संपत्ति खरीद के दौरान बड़ी मात्रा में नकद भुगतान किया है। जांच में दानापुर बाजार समिति के पास खरीदी गई 1.25 कट्ठा जमीन और लक्ष्मी कॉटेज में एक 4BHK फ्लैट का मामला सामने आया है।
इन दोनों संपत्तियों के लिए करीब 1.73 करोड़ रुपये नकद दिए जाने के प्रमाण मिले हैं। अब EOU यह जानना चाहती है कि इतनी बड़ी नकद राशि कहां से आई।
इसके लिए गोपाल कुमार को जल्द कानूनी नोटिस भेजा जा सकता है। अधिकारियों की टीम पूछताछ के दौरान उनकी आय, बैंक लेनदेन और संपत्ति निवेश से जुड़े सवाल पूछेगी।
क्रेटा गाड़ी के दस्तावेज में मिला इंजीनियर का नंबर
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। जमुई स्थित किराये के आवास से करीब 19 लाख रुपये की हुंडई क्रेटा कार मिली।
यह वाहन सुरेंद्र प्रसाद नाम के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड बताया जा रहा है। लेकिन खरीद दस्तावेज में मोबाइल नंबर गोपाल कुमार का दर्ज मिला है।
EOU को शक है कि यह बेनामी संपत्ति का मामला हो सकता है। इसे लेकर वाहन मालिक सुरेंद्र प्रसाद को भी नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। एजेंसी दोनों पक्षों से पूछताछ कर पूरे लेनदेन की जानकारी जुटाएगी।
कई जिलों में तैनाती के दौरान होगी जांच
EOU अब गोपाल कुमार के पूरे सेवा काल की जांच करने की तैयारी में है। वर्ष 2008 में सहायक अभियंता बनने के बाद उनकी तैनाती मधेपुरा, मोतिहारी, भोजपुर, बक्सर और सारण समेत कई जिलों में रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि इन जिलों में रहते हुए उन्होंने कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदीं और किस तरीके से निवेश किया।
इसके साथ ही विभागीय कार्यों और ठेके से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले जा सकते हैं। जांच टीम संभावित सवालों की सूची तैयार कर रही है ताकि पूछताछ के दौरान हर पहलू स्पष्ट किया जा सके।
आय से 81.5 फीसदी अधिक संपत्ति का आरोप
EOU ने गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच में उनकी संपत्ति आय से करीब 81.5 फीसदी अधिक बताई गई थी।
हालांकि छापेमारी के बाद मिले दस्तावेज और संपत्तियों के आधार पर एजेंसी को संदेह है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
जांच आगे बढ़ने के साथ कई और संपत्तियों और निवेश का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल EOU सभी दस्तावेजों की कानूनी और वित्तीय जांच में जुटी हुई है।
