पूर्वी चंपारण के चिरैया में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई। मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती को देखकर इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती काफी देर तक नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई, जिससे पुलिस और परिजनों की चिंता बढ़ गई।
घटना पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया थाना क्षेत्र स्थित वैद्यनाथपुर चौक की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए गए।
जियो कंपनी के टावर पर चढ़ी युवती
स्थानीय लोगों के अनुसार युवती वैद्यनाथपुर चौक स्थित Jio के मोबाइल टावर पर चढ़ गई थी।
बताया जा रहा है कि वह टावर के बीच हिस्से तक पहुंच गई और वहीं बैठ गई। काफी देर तक वह नीचे आने के लिए तैयार नहीं हुई।
घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुटने लगे। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ लग गई। कई लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगे, जबकि कुछ लोग युवती को नीचे उतरने के लिए आवाज लगाते रहे।
पुलिस मौके पर पहुंची, शुरू हुआ रेस्क्यू
सूचना मिलने के बाद महेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिसकर्मियों ने पहले इलाके को खाली कराने और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी न फैले। इसके बाद युवती को समझाने का प्रयास शुरू किया गया।
पुलिस लगातार नीचे से युवती से बात करती रही और उसे सुरक्षित नीचे आने के लिए कहती रही।
परिवार का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
टावर पर चढ़ी युवती की पहचान शबनम खातून के रूप में हुई है। वह चिरैया थाना क्षेत्र के बहुअरवा गांव निवासी आलम देवान की 19 वर्षीय पुत्री बताई जा रही है।
परिजनों के मुताबिक युवती की मानसिक स्थिति कुछ समय से ठीक नहीं रहती है। मंगलवार दोपहर वह अचानक घर से निकल गई थी।
कुछ देर बाद परिवार को जानकारी मिली कि वह मोबाइल टावर पर चढ़ गई है। यह सुनते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे।
घटना के दौरान युवती के परिजन लगातार उसे नीचे उतरने के लिए मनाते रहे। परिवार के कई सदस्य भावुक हो गए और रोने लगे।
घंटों मशक्कत के बाद नीचे उतरी युवती
पुलिस और परिजनों ने काफी देर तक समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
लगातार बातचीत और समझाने के बाद देर शाम युवती सुरक्षित नीचे उतर आई। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवती को सुरक्षित नीचे उतारना प्राथमिकता थी और पूरे मामले को सावधानी से संभाला गया।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि परिवारों को मानसिक रूप से परेशान लोगों पर लगातार नजर रखने और समय पर इलाज कराने की जरूरत है।
ग्रामीण इलाकों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी के कारण कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां लोग अचानक जोखिम भरे कदम उठा लेते हैं।
घटनास्थल पर जुटी रही भीड़
मोबाइल टावर पर युवती के चढ़ने की सूचना पूरे इलाके में तेजी से फैल गई थी।
घंटों तक लोग घटनास्थल के आसपास जमा रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में पहली बार इस तरह की घटना देखने को मिली, जिसके कारण लोग काफी चिंतित थे।
हालांकि युवती के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद लोगों ने राहत महसूस की और पुलिस की तत्परता की सराहना की।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज
घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल media पर भी तेजी से वायरल होने लगीं।
कई लोगों ने पुलिस और स्थानीय लोगों की सूझबूझ की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की जरूरत बताई।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और धैर्य सबसे जरूरी होता है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति की जानकारी मिलने पर तुरंत परिवार और प्रशासन को सूचित करें।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं के दौरान भीड़ लगाने और वीडियो बनाने के बजाय मदद और सहयोग का रवैया अपनाना चाहिए।
फिलहाल युवती सुरक्षित है और परिवार के साथ घर लौट गई है।
