प्रतीक यादव के निधन की खबर ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक हलकों को झकझोर दिया है। प्रतीक यादव के निधन के बाद उनकी निजी जिंदगी, फिटनेस करियर और अपर्णा यादव के साथ उनकी चर्चित लव स्टोरी फिर चर्चा में आ गई है। बुधवार सुबह लखनऊ में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन उनका नाम अक्सर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं में बना रहता था।
लखनऊ में हुआ निधन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह करीब छह बजे प्रतीक यादव को लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद शव को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम कराया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं।
सिविल अस्पताल प्रशासन ने उन अटकलों को भी खारिज किया है जिनमें जहर से मौत की बात कही जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा होगा।
राजनीति से दूर लेकिन चर्चाओं में रहते थे प्रतीक
प्रतीक यादव ने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी।
देश के बड़े राजनीतिक परिवार से संबंध होने के बावजूद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी। उनका ध्यान फिटनेस और बिजनेस की दुनिया पर ज्यादा रहा।
वह लखनऊ में “द फिटनेस प्लेनेट” नामक जिम चलाते थे। इसके अलावा “जीव आश्रय” नाम की संस्था के जरिए स्ट्रीट डॉग्स के इलाज और देखभाल का काम भी करते थे।
कैसे शुरू हुई थी प्रतीक और अपर्णा की लव स्टोरी?
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की लव स्टोरी उत्तर प्रदेश की चर्चित राजनीतिक प्रेम कहानियों में गिनी जाती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी। हालांकि वे अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे, लेकिन कॉमन दोस्तों और इंटर स्कूल कार्यक्रमों के जरिए संपर्क बढ़ा।
बताया जाता है कि साल 2001 में एक बर्थडे पार्टी के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। उस समय अपर्णा को यह जानकारी नहीं थी कि प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं।
ईमेल से शुरू हुई थी प्रेम कहानी
यह वह दौर था जब मोबाइल फोन का इस्तेमाल सीमित था। बताया जाता है कि पार्टी के बाद प्रतीक यादव ने अपर्णा से उनका ईमेल आईडी लिया था।
इसके बाद दोनों के बीच ईमेल के जरिए बातचीत शुरू हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रतीक ने एक ईमेल में अपर्णा से अपने प्रेम का इजहार किया था।
धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और करीब 10 वर्षों तक उनका रिश्ता चला। बाद में यह प्रेम कहानी शादी तक पहुंची।
मुलायम सिंह यादव को कैसे मनाया गया?
रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरुआत में मुलायम सिंह यादव इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे।
उस समय अपर्णा यादव के पिता अरविंद कुमार बिष्ट लखनऊ में वरिष्ठ पत्रकार थे। दोनों परिवारों को रिश्ते की जानकारी मिलने के बाद शादी की बातचीत शुरू हुई।
बताया जाता है कि प्रतीक यादव ने अपनी मां साधना गुप्ता की मदद ली। बाद में साधना गुप्ता ने मुलायम सिंह यादव को इस शादी के लिए राजी किया।
साल 2011 में सैफई में दोनों की शादी बेहद भव्य तरीके से हुई थी। इस समारोह में राजनीति और फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं।
कुछ समय पहले रिश्तों में तनाव की चर्चा
पिछले कुछ समय में प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के रिश्तों में तनाव की खबरें भी सामने आई थीं।
सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल होने के बाद दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं। हालांकि बाद में प्रतीक यादव ने अपर्णा के साथ तस्वीर साझा करते हुए “ऑल इज वेल” लिखकर विवादों पर विराम लगाने की कोशिश की थी।
इसके बाद माना जा रहा था कि दोनों के बीच सब सामान्य हो रहा है। लेकिन अचानक निधन की खबर ने सभी को चौंका दिया।
आवास पर जुटे सपा और भाजपा समर्थक
पोस्टमार्टम के बाद शव को लखनऊ स्थित विक्रमादित्य मार्ग आवास पर लाया गया। वहां बड़ी संख्या में सपा और भाजपा समर्थक मौजूद रहे।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और कई जगह बैरिकेडिंग की गई।
शिवपाल यादव, डिंपल यादव समेत परिवार के कई सदस्य आवास पहुंचे।
यादव परिवार में शोक की लहर
प्रतीक यादव के निधन से यादव परिवार और उनके करीबियों में शोक का माहौल है।
राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर समर्थक लगातार श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
फिलहाल सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
