बिहार में बढ़ेगी महंगाई की मार, सुधा दूध और बस किराया होगा महंगा

 


बिहार में सुधा दूध और बस किराया बढ़ने की खबर ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सुधा दूध की कीमत में तीन से चार रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी होने जा रही है। वहीं, बिहार में बस किराया भी एक जून से महंगा हो सकता है। सुधा दूध और बस किराया दोनों में बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम वर्ग और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की जेब पर पड़ेगा।

जानकारी के मुताबिक, बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन यानी कॉम्फेड ने दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है। दूसरी ओर, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए परिवहन विभाग सरकारी बस किराए में भी इजाफा करने की तैयारी में है।

कॉम्फेड बोर्ड की बैठक में बढ़े दूध के दाम

गुरुवार को हुई कॉम्फेड बोर्ड की बैठक में सुधा दूध की कीमत बढ़ाने पर सहमति बनी। हालांकि, आधिकारिक आदेश शुक्रवार को जारी होने की संभावना जताई गई है।

बताया जा रहा है कि नई दरें अगले दो दिनों में लागू हो सकती हैं। करीब एक साल बाद सुधा दूध की कीमतों में बदलाव होने जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार प्रति लीटर दूध पर तीन से चार रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। इसका असर बिहार के साथ-साथ झारखंड और दूसरे राज्यों के उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा।

किसानों को राहत देने के लिए लिया गया फैसला

कॉम्फेड से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दूध उत्पादकों की ओर से लंबे समय से रेट बढ़ाने की मांग की जा रही थी। पशु चारा, परिवहन और रखरखाव की लागत बढ़ने से किसानों पर दबाव बढ़ा था।

ऐसे में दूध की कीमत बढ़ाकर किसानों को बेहतर भुगतान देने की तैयारी की गई है। डेयरी सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि लागत बढ़ने के कारण यह फैसला जरूरी हो गया था।

हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए यह राहत की खबर नहीं है। रोजमर्रा के खर्च पहले से बढ़े हुए हैं और अब दूध जैसी जरूरी वस्तु महंगी होने से घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है।

सुधा के किन उत्पादों के बढ़ सकते हैं दाम?

सिर्फ दूध ही नहीं, बल्कि सुधा के अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना है। इसमें पेड़ा, घी, लस्सी और अन्य प्रॉडक्ट शामिल हैं।

फिलहाल सुधा गोल्ड फुल क्रीम दूध की कीमत 65 रुपये प्रति लीटर है। सुधा शक्ति 57 रुपये और गाय का दूध 54 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

नई दरें लागू होने के बाद इन उत्पादों के दाम भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, अंतिम कीमतों की घोषणा आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

छह साल बाद बढ़ सकता है सरकारी बस किराया

दूसरी तरफ बिहार में सरकारी बसों का किराया भी बढ़ने वाला है। परिवहन विभाग एक जून से नई दरें लागू करने की तैयारी में है।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक किराए में अधिकतम 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जा सकती है। इसे लेकर जल्द अधिसूचना जारी होने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि सरकारी स्तर पर बस किराया करीब छह साल बाद बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, निजी बस ऑपरेटर पहले ही कई बार किराया बढ़ा चुके हैं।

पेट्रोल-डीजल और सीएनजी महंगा होने का असर

मध्य पूर्व में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है।

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लागत बढ़ने से परिवहन संचालन महंगा हुआ है। यही वजह है कि परिवहन विभाग किराया बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईंधन कीमतों में राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में माल ढुलाई और अन्य सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है।

आम लोगों की जेब पर बढ़ेगा दबाव

दूध और बस किराया दोनों आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े हैं। ऐसे में इनकी कीमत बढ़ने का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ेगा।

कामकाजी लोग, छात्र और रोजाना बस से सफर करने वाले यात्रियों को हर महीने ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। वहीं, दूध महंगा होने से परिवारों का रसोई बजट भी प्रभावित होगा।

आर्थिक जानकार मानते हैं कि बढ़ती महंगाई के बीच जरूरी सेवाओं और खाद्य उत्पादों की कीमत बढ़ना उपभोक्ताओं के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

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