बिहार के चर्चित 25 करोड़ स्मैक कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। 25 करोड़ स्मैक कांड के मुख्य मास्टरमाइंड और बिहार पुलिस के सिपाही ऋषिकेश क्रांतिकारक उर्फ अनीश को पुलिस ने रांची से गिरफ्तार कर लिया है। 25 करोड़ स्मैक कांड में लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी की तलाश कई जिलों की पुलिस कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस पूरे ड्रग नेटवर्क और उससे जुड़ी काली कमाई की जांच में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से नालंदा जिले के दीपनगर नगवां का रहने वाला है। उसने कथित तौर पर स्मैक तस्करी से भारी संपत्ति बनाई और राजगीर में आलीशान बंगला भी तैयार कराया। जांच एजेंसियां अब उसकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया पर भी विचार कर रही हैं।
बिहार पुलिस का सिपाही बना ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड
जांच में सामने आया है कि ऋषिकेश क्रांतिकारक बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात था। लेकिन अवैध कारोबार से हुई कमाई के बाद उसने नौकरी को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक जुलाई 2025 में उसका ट्रांसफर गया से भागलपुर किया गया था। हालांकि, उसने नई पोस्टिंग पर जॉइन नहीं किया और फरार हो गया।
इसके बाद पुलिस को शक हुआ कि वह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने उसे झारखंड की राजधानी रांची से गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी में मिले बैंक दस्तावेज और सर्विस रिकॉर्ड
पटना पुलिस ने आरोपी के आलमगंज और रामकृष्ण नगर स्थित ठिकानों पर पहले ही छापेमारी की थी। इस दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद हुए।
पुलिस को बैंक डिटेल, चेकबुक और सर्विस रिकॉर्ड मिले, जिन्हें इस मामले में महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों से आरोपी की सीधी संलिप्तता सामने आई।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि तस्करी के पैसे का इस्तेमाल किन-किन संपत्तियों और कारोबार में किया गया।
पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं दो बड़े तस्कर
पटना के आलमगंज थाना कांड संख्या 294/26 के तहत दर्ज इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
इनमें समस्तीपुर निवासी जितेंद्र कुमार और जहानाबाद के नीतीश कुमार शामिल हैं। दोनों को भारी मात्रा में स्मैक के साथ पकड़ा गया था।
इसके अलावा पटनदेवी इलाके के राहुल यादव समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ भी नामजद प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ हो सकता है।
पुलिस अब सप्लाई चेन और नेटवर्क खंगाल रही
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से अलग-अलग और आमने-सामने पूछताछ की तैयारी कर रही है। जांच टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि स्मैक की सप्लाई कहां से होती थी और किन इलाकों में इसकी डिलीवरी की जाती थी।
पुलिस अब इस रैकेट के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के आधार पर जल्द और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
आलीशान बंगले और काली कमाई की होगी जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अवैध कमाई से राजगीर में आलीशान बंगला बनाया था। पुलिस अब उसकी चल और अचल संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है।
यदि संपत्तियां अवैध कमाई से खरीदी गई पाई जाती हैं, तो उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
आर्थिक अपराध इकाइयों से भी इस मामले में सहयोग लिया जा सकता है ताकि मनी ट्रेल को समझा जा सके।
बिहार में ड्रग नेटवर्क पर सख्ती बढ़ी
हाल के महीनों में बिहार पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए हैं। सीमावर्ती इलाकों और शहरी क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संगठित ड्रग नेटवर्क अब छोटे शहरों और कस्बों तक फैलने लगे हैं। ऐसे में पुलिस के लिए तकनीकी निगरानी और आर्थिक जांच दोनों अहम हो गई हैं।
इस मामले में एक पुलिसकर्मी का नाम सामने आने से विभागीय स्तर पर भी सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की बात कह रहे हैं।
