बिहार में आज राजनीतिक हलचल अपने चरम पर रहेगी। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार NDA मंत्रिमंडल विस्तार का आयोजन होने जा रहा है। खास बात यह है कि बिहार NDA मंत्रिमंडल विस्तार पहली बार गांधी मैदान में आयोजित हो रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में नए मंत्री शपथ लेंगे। दोपहर 12 बजे शुरू होने वाले इस समारोह को लेकर प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सैय्यद अता हसनैन नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। समारोह में एनडीए के कई बड़े नेता शामिल होंगे। इसे बिहार की नई सरकार के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
पहली बार गांधी मैदान में होगा मंत्रिमंडल विस्तार
बिहार की राजनीति में गांधी मैदान का विशेष महत्व रहा है। अब तक मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों का शपथ ग्रहण राजभवन या सीमित स्थानों पर होता रहा है, लेकिन इस बार मंत्रिमंडल विस्तार सीधे गांधी मैदान में किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह फैसला जनता के बीच मजबूत संदेश देने और बड़े राजनीतिक आयोजन के तौर पर लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
किन नेताओं की रहेगी मौजूदगी?
समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे।
इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, ललन सिंह, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी मौजूद रहेंगे।
एनडीए के लगभग सभी प्रमुख नेताओं की मौजूदगी इस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से बेहद अहम बना रही है।
कितने मंत्री ले सकते हैं शपथ?
सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार में करीब 29 से 30 मंत्री शपथ ले सकते हैं। बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर मंत्रिपरिषद में अधिकतम 36 सदस्य शामिल हो सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक जदयू और भाजपा को 16-16 मंत्री पद मिले हैं। इस विस्तार में जदयू से लगभग 12 और भाजपा से 13 या 14 नेताओं को मौका मिलने की संभावना है।
वहीं लोजपा (रामविलास) से दो नेताओं को और हम (से.) तथा रालोमो से एक-एक नेता को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
पुराने चेहरों पर ज्यादा भरोसा
एनडीए सूत्रों की मानें तो इस बार मंत्रिमंडल में ज्यादातर पुराने और अनुभवी चेहरों को प्राथमिकता मिल सकती है। गठबंधन दलों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश भी साफ दिखाई दे रही है।
हालांकि कुछ नए चेहरों को भी मौका मिलने की चर्चा है, लेकिन अंतिम सूची को लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा और जदयू दोनों अपने कुछ पद खाली भी रख सकते हैं।
सम्राट चौधरी सरकार का पहला बड़ा विस्तार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का यह पहला मंत्रिमंडल विस्तार होगा। उन्होंने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
अब 21 दिन बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा है। इसे नई सरकार की राजनीतिक दिशा और प्रशासनिक प्राथमिकताओं से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अलर्ट मोड पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को देखते हुए पटना में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस मुख्यालय स्तर से सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष योजना बनाई गई है। प्रशासन ने सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक कई प्रमुख मार्गों को बंद रखने का फैसला किया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है ताकि आम लोगों को कम परेशानी हो।
बिहार की राजनीति में क्या संदेश?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी है। लोकसभा चुनाव के बाद बिहार में एनडीए की नई सरकार जनता के बीच अपनी एकजुटता और ताकत दिखाना चाहती है।
गांधी मैदान जैसे बड़े सार्वजनिक स्थल पर आयोजन से यह संकेत देने की कोशिश भी दिख रही है कि गठबंधन पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
