बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बीच EOU छापेमारी ने बड़ा खुलासा किया है। सुपौल के जिला अवर निबंधक अमरेंद्र कुमार के खिलाफ हुई EOU छापेमारी में 10 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति का पता चला है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बुधवार को पटना, सुपौल और सारण समेत पांच ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में करोड़ों की जमीन, महंगे फ्लैट, गोल्ड बिस्किट और लग्जरी वाहनों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
ईओयू की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि अमरेंद्र कुमार की संपत्ति उनकी ज्ञात आय से करीब 65 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच तेज कर दी गई है।
सिलीगुड़ी में करोड़ों की जमीन का खुलासा
ईओयू के मुताबिक अमरेंद्र कुमार ने अपनी पत्नी नीता कुमारी के नाम पर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में पॉश इलाके में करीब 25 कट्ठा जमीन खरीदी थी। कागजों में इसकी कीमत लगभग चार करोड़ रुपये दिखाई गई, लेकिन जांच एजेंसी का दावा है कि वर्तमान बाजार मूल्य छह करोड़ रुपये से अधिक है।
जांच टीम को यह भी जानकारी मिली कि जमीन की घेराबंदी पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए। भुगतान से जुड़े कई दस्तावेज और साक्ष्य भी बरामद हुए हैं। यह जमीन किशनगंज के निलंबित थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन से जुड़े चिह्नित भूखंड के पास बताई जा रही है।
पटना फ्लैट की सजावट पर डेढ़ करोड़ खर्च
जांच में सामने आया कि अमरेंद्र कुमार ने वर्ष 2021 में पटना के आशियाना-दीघा रोड स्थित राज अपार्टमेंट में लगभग 65 लाख रुपये का फ्लैट खरीदा था। लेकिन इस फ्लैट की इंटीरियर सजावट और लग्जरी फर्निशिंग पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान लगाया गया है।
ईओयू अधिकारियों को फ्लैट से कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सजावटी सामान और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। एजेंसी अब इन खर्चों के स्रोत की जांच कर रही है।
ड्राइवर के नाम पर खरीदी गईं दो स्कॉर्पियो
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ। ईओयू सूत्रों के अनुसार अमरेंद्र कुमार ने 2023 और 2024 मॉडल की दो स्कॉर्पियो खरीदी थीं। इन वाहनों पर करीब 42 लाख रुपये खर्च किए गए।
सबसे अहम बात यह रही कि दोनों गाड़ियां कथित तौर पर उनके ड्राइवर के नाम पर खरीदी गई थीं। जांच एजेंसी को शक है कि काली कमाई छिपाने के लिए ऐसा किया गया। अब ड्राइवर को भी पूछताछ के लिए बुलाए जाने की तैयारी है।
इसके अलावा करीब दो लाख रुपये की एक स्कूटी खरीदने की जानकारी भी सामने आई है।
गोल्ड बिस्किट और करोड़ों के गहने बरामद
ईओयू की तलाशी में दो गोल्ड बिस्किट सहित करीब 1.25 करोड़ रुपये के गहनों का पता चला है। जांच एजेंसी को भारी मात्रा में आभूषण खरीदने की रसीदें भी मिली हैं।
सुपौल स्थित किराये के मकान की तलाशी के दौरान 86,500 रुपये नकद बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि सभी बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का वित्तीय सत्यापन कराया जा रहा है।
पत्नी और बच्चों के नाम पर निवेश
जांच में यह भी सामने आया कि अमरेंद्र कुमार ने पत्नी और बच्चों के नाम पर कई निवेश किए थे। ईओयू के मुताबिक जीवन बीमा पॉलिसियों में लगभग 12 लाख रुपये और म्यूचुअल फंड में तीन लाख रुपये से अधिक का निवेश मिला है।
एचडीएफसी और एसबीआई बैंक खातों में करीब 4.5 लाख रुपये जमा पाए गए। इसके अलावा एसबीआई के पीपीएफ खाते में 20 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा होने की जानकारी मिली है।
रिसॉर्ट कारोबार में निवेश की भी जांच
आर्थिक अपराध इकाई को जांच के दौरान रिसॉर्ट व्यवसाय में निवेश से जुड़े संकेत भी मिले हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। एजेंसी इस एंगल से भी दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।
अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच के दायरे में परिवार से जुड़े अन्य वित्तीय लेनदेन भी शामिल किए जा सकते हैं।
बिहार में भ्रष्टाचार पर सख्ती का संकेत
हाल के महीनों में बिहार में आय से अधिक संपत्ति मामलों में लगातार कार्रवाई देखने को मिली है। ईओयू की यह छापेमारी राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी अधिकारियों की संपत्तियों की डिजिटल और वित्तीय निगरानी बढ़ने से ऐसे मामलों का खुलासा तेजी से हो रहा है।
