असम में ‘डबल गुलामी’ सरकार पर प्रियंका का बड़ा हमला, अहम खबर

 


असम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक हमला बोला। क्या कहा, कब और कहाँ? पहली रैली के बाद दिए इंटरव्यू में, उन्होंने असम सरकार पर ‘डबल गुलामी’ का आरोप लगाया। क्यों कहा? महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को वजह बताया। कैसे असर पड़ेगा? प्रियंका गांधी का यह बयान चुनावी माहौल को गरमा सकता है और असम की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है।

प्रियंका गांधी ने असम में ‘डबल गुलामी सरकार’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए सीधे केंद्र और राज्य सरकार को निशाने पर लिया। प्रियंका गांधी का कहना है कि जनता अब बदलाव चाहती है और यह चुनाव ‘सत्य बनाम सत्ता’ की लड़ाई है।


असम में ‘डबल गुलामी’ सरकार का आरोप

प्रियंका गांधी ने कहा कि असम में मौजूदा सरकार ‘डबल इंजन’ नहीं बल्कि ‘डबल गुलामी’ की सरकार है। उनका आरोप है कि सरकार बाहरी ताकतों के प्रभाव में काम कर रही है और राज्य के हितों से समझौता हो रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की विदेश नीति संतुलन खो चुकी है। भारत पहले स्वतंत्र रुख अपनाता था, लेकिन अब कुछ देशों के प्रभाव में दिख रहा है।


महंगाई और पेट्रोल-डीजल पर बड़ी चेतावनी

प्रियंका गांधी ने महंगाई को चुनाव का बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल चुनाव के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम नियंत्रित हैं, लेकिन चुनाव के बाद कीमतें बढ़ना तय है।

उनका दावा है कि आम जनता पहले से ही महंगाई से परेशान है और आगे स्थिति और खराब हो सकती है।

इस बयान से लोगों में चिंता बढ़ सकती है, क्योंकि ईंधन की कीमतों का सीधा असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ता है।


असम सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

कांग्रेस नेता ने असम सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य की संपत्तियां बड़े उद्योगपतियों को सौंपी जा रही हैं।

प्रियंका गांधी के अनुसार, सरकारी योजनाओं का लाभ देने के नाम पर महिलाओं पर राजनीतिक दबाव बनाया जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में ‘माफिया सिंडिकेट’ सक्रिय हैं और एक खास समूह को फायदा पहुंचाया जा रहा है।


ज़ुबिन गर्ग और असम की पहचान पर बयान

प्रियंका गांधी ने असम के सांस्कृतिक प्रतीकों का जिक्र करते हुए ज़ुबिन गर्ग और भूपेन हजारिका को राज्य की पहचान बताया।

उन्होंने कहा कि ज़ुबिन गर्ग ने जो रास्ता दिखाया, उसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। कांग्रेस सत्ता में आने पर उनके सपनों का असम बनाने का वादा किया गया।

प्रियंका ने यह भी कहा कि सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर ज़ुबिन गर्ग को न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।


रोजगार और युवाओं के मुद्दे पर सरकार घिरी

प्रियंका गांधी ने युवाओं के रोजगार के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि सरकार अपने वादे क्यों पूरा नहीं कर पाई।

उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही और सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर असरदार नहीं हैं।

यह मुद्दा चुनाव में निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि असम में बड़ी संख्या में युवा मतदाता हैं।


चाय बागान मजदूरों की हालत पर चिंता

असम के चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों की स्थिति को लेकर भी प्रियंका गांधी ने चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, उनके हाथों में छाले पड़ जाते हैं।

बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 350 दिन रोजगार देने का वादा पूरा नहीं हुआ।


कांग्रेस का सीएम चेहरा और रणनीति

प्रियंका गांधी ने साफ किया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो गौरव गोगोई मुख्यमंत्री होंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ‘ईमानदार और जवाबदेह सरकार’ देने का वादा करती है।

यह बयान पार्टी की रणनीति को स्पष्ट करता है और चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है।


जनता पर क्या होगा असर?

प्रियंका गांधी के इन बयानों से असम की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

इस फैसले और आरोपों से लोगों को सीधे जुड़ी समस्याओं—महंगाई, रोजगार और भ्रष्टाचार—पर सोचने का मौका मिलेगा।

चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में यह बयान मतदाताओं के रुझान को प्रभावित कर सकता है।


Source: NDTV Interview

और नया पुराने
हमसे जुड़ें
1

बड़ी खबर सबसे पहले पाएं!

देश, बिहार और नौकरी से जुड़ी हर बड़ी अपडेट सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।

👉 अभी WhatsApp चैनल जॉइन करें
होम क्विज वीडियो नोट्स NCERT