बिहार में जमीन मापी ठप, अमीन संघ का बड़ा ऐलान
बिहार में जमीन मापी ठप होने की स्थिति बन गई है। बिहार में जमीन मापी ठप की चेतावनी देते हुए Bihar Revenue Amin Union ने 20 मार्च 2026 से विरोध शुरू करने और 23 मार्च को Patna सहित सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देने का ऐलान किया है। यह कदम संघ ने अपनी मांगों को लेकर उठाया है, क्योंकि उनका कहना है कि सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।
इस विरोध का असर जमीन मापी, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व कार्यों पर पड़ सकता है, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
20 मार्च से काला बिल्ला, 23 मार्च को महाधरना
अमीन संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाई है।
पहले चरण में 20 मार्च को राज्यभर के अमीन काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। यह सरकार को चेतावनी देने का प्रतीकात्मक तरीका होगा।
अगर इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 23 मार्च को पटना समेत सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देकर कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
संघ के मुताबिक, इस आंदोलन में बड़ी संख्या में अमीन शामिल होंगे।
वेतन और सुविधाओं को लेकर क्या हैं मुख्य मांगें?
अमीन संघ की मांगें सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके काम के स्वरूप से जुड़ी हैं।
मुख्य मांगों में शामिल हैं:
- Pay Level-6 लागू करना
- पोस्टिंग में पारदर्शिता
- चेनमैन की स्थायी नियुक्ति
- फील्ड वर्क के लिए उचित यात्रा भत्ता
- डिजिटल कार्यों के लिए ‘डिजिटल भत्ता’
संघ का कहना है कि आज अधिकांश काम डिजिटल हो चुका है, लेकिन उन्हें इसके अनुसार संसाधन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इससे कर्मचारियों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
जमीन से जुड़े कामों पर पड़ेगा सीधा असर
अमीनों की हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ने वाला है।
बिहार में जमीन से जुड़े लगभग सभी काम अमीनों के जरिए ही होते हैं, जैसे:
- जमीन का सीमांकन
- बंटवारा
- दाखिल-खारिज (Mutation)
- एलपीसी (Land Possession Certificate)
- सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण
23 मार्च को प्रस्तावित धरने के बाद ये सभी काम प्रभावित हो सकते हैं और लोगों को लंबी देरी का सामना करना पड़ सकता है।
विभाग पर वादाखिलाफी का आरोप
अमीन संघ ने राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
संघ का कहना है कि विभाग ने पहले कई बार उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इसी वजह से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और वे अब आंदोलन के लिए मजबूर हो गए हैं।
उग्र आंदोलन की भी दी चेतावनी
अमीन संघ ने साफ कर दिया है कि अगर 23 मार्च के धरने के बाद भी सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
संभावित अगले कदमों में शामिल हो सकते हैं:
- अनिश्चितकालीन हड़ताल
- राज्यव्यापी प्रदर्शन
- पटना में बड़ा विरोध मार्च
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि वे आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार की बेरुखी ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया है।
क्यों अहम है यह मामला?
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जमीन से जुड़े काम सीधे आम लोगों और विकास परियोजनाओं से जुड़े होते हैं।
यदि लंबे समय तक काम ठप रहता है, तो:
- जमीन खरीद-बिक्री प्रभावित होगी
- सरकारी योजनाएं धीमी पड़ेंगी
- आम लोगों के जरूरी दस्तावेज अटक जाएंगे
इसलिए सरकार और अमीन संघ के बीच जल्द समाधान निकलना बेहद जरूरी है।
आगे क्या होगा?
अब नजर सरकार के रुख पर टिकी है।
अगर सरकार जल्द बातचीत कर समाधान निकालती है, तो आंदोलन टल सकता है। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में बिहार में राजस्व व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल 20 मार्च से शुरू हो रहा विरोध और 23 मार्च का धरना इस पूरे मामले का निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
Source: बिहार राजस्व अमीन संघ का आधिकारिक पत्र
