हाजीपुर। बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर सदर अस्पताल में बच्चा बदले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल की नर्स ने बेटे के जन्म की जानकारी दी, लेकिन कुछ देर बाद कपड़े में लपेटकर बेटी सौंप दी गई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
हंगामा बढ़ता देख ओटी में तैनात डॉक्टर और नर्स मौके से फरार हो गए। मामले की सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और जांच शुरू कर दी।
ऑपरेशन के बाद बताया गया बेटा हुआ है
मिली जानकारी के अनुसार, गोरौल थाना क्षेत्र के इस्लामपुर निवासी धीरज कुमार की पत्नी गुंजन को प्रसव के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोपहर करीब 12 बजे उन्हें ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया।
कुछ समय बाद अस्पताल के डॉक्टर ने परिजनों को सूचना दी कि गुंजन ने बेटे को जन्म दिया है। इस खबर के बाद परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
बेटे की सूचना पर कराई नसबंदी, फिर मिली बेटी
पीड़िता के भाई संजय कुमार ने आरोप लगाया कि गुंजन की पहले से चार साल की एक बेटी है। बेटे के जन्म की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने नसबंदी कराने की सहमति दे दी।
हालांकि, करीब एक घंटे बाद जब अस्पताल कर्मियों ने नवजात सौंपा, तो वह बेटा नहीं बल्कि बेटी थी। इसके बाद परिजनों ने नवजात को लेने से इनकार कर दिया और बच्चा बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामा बढ़ने पर डॉक्टर-नर्स फरार
परिजनों के आक्रोश को देखते हुए ओटी वार्ड में तैनात डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी वार्ड छोड़कर चले गए। स्थिति बिगड़ने पर नगर थाना की पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
क्या बोले सिविल सर्जन
मामले पर सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन प्रसाद ने कहा कि प्रसूता ने बेटी को ही जन्म दिया है। उन्होंने बताया कि किस कर्मचारी ने परिजनों को बेटे के जन्म की गलत जानकारी दी, इसकी जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है।
सिविल सर्जन ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
