Bihar Board 12th Exam 2026: जिनकी परीक्षा छूटी, उन्हें मिलेगा दूसरा मौका | Special Exam May 2026

 


पटना: बिहार बोर्ड 12वीं वार्षिक परीक्षा 2026 का पहला दिन मंगलवार को राज्यभर में हंगामेदार रहा। सख्त नियमों के कारण देर से पहुंचने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला, जिसके बाद कई जगहों पर रोते-बिलखते छात्र, गुस्साए अभिभावक और हंगामे की स्थिति देखने को मिली।

मुजफ्फरपुर से लेकर पटना तक दर्जनों छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्रों के गेट पर हाथ जोड़कर गुहार लगाते नजर आए। एक केंद्र पर गेट फांदने की कोशिश में एक छात्रा घायल भी हो गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि बिहार बोर्ड ने मई 2026 में विशेष परीक्षा आयोजित करने का ऐलान कर दिया है।

1762 केंद्रों पर हुई परीक्षा, 13 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) की इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का आयोजन राज्य के 1762 परीक्षा केंद्रों पर किया गया। पहले दिन करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के शामिल होने की संभावना थी।

देर से पहुंचे तो बंद मिला गेट

बोर्ड के निर्देशानुसार परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य था।

  • सुबह की पाली: परीक्षा 9:30 बजे
  • एंट्री: 8:30 से 9:00 बजे तक
  • 9:00 बजे के बाद गेट पूरी तरह बंद

मुजफ्फरपुर में 81 केंद्रों पर परीक्षा हुई, जहां पहली पाली में ही 100 से अधिक छात्र-छात्राओं की परीक्षा छूट गई। कई केंद्रों पर 9:30 बजे तक गेट बंद कर दिए गए थे। कुछ छात्राओं ने बताया कि वे 9:02 बजे पहुंचीं, लेकिन जांच प्रक्रिया का हवाला देकर प्रवेश नहीं दिया गया।

अभिभावकों में भारी नाराजगी

अभिभावकों का कहना था कि ट्रैफिक जाम या मामूली देरी आम बात है, लेकिन इतनी सख्ती अनुचित है।
गोरियाकोट, सीतामढ़ी, पटना के कोशीपुर, कमला नेहरू बालिका विद्यालय, एलएसएस कॉलेज समेत कई केंद्रों पर इसी तरह के हालात रहे।

गेट फांदने की कोशिश, छात्रा घायल

पटना के कोशीपुर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में दो छात्राओं ने गेट फांदने की कोशिश की, जिसमें एक छात्रा घायल हो गई और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा।
कमला नेहरू बालिका विद्यालय में देर से पहुंची छात्राओं ने सड़क से गुजर रही डीजे वाहन को रोककर हंगामा किया। एक छात्रा ने दावा किया कि एडमिट कार्ड में गलत केंद्र कोड छपा था, जिससे देरी हुई।

पहले दिन 26 परीक्षार्थी निष्कासित

नकल और कदाचार पर बोर्ड ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई। पहले दिन 8 जिलों से 26 छात्र-छात्राएं निष्कासित किए गए।

  • एक जिले से: 13
  • बांका, जहानाबाद: 3-3
  • गोपालगंज: 3
  • मधेपुरा, भागलपुर: 2-2
  • अररिया, कटिहार, वैशाली: 1-1

परीक्षा दो स्तर की तलाशी, सीसीटीवी निगरानी और कड़ी सुरक्षा में कराई गई।

पटना में स्थिति बेहतर, कोई निष्कासन नहीं

पटना जिले में पहले दिन कोई निष्कासन नहीं हुआ।

  • पहली पाली: 98.55% उपस्थिति
  • दूसरी पाली: 97.17% उपस्थिति

कुल 590 छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।

बोर्ड अध्यक्ष ने किया निरीक्षण

बीएसईबी अध्यक्ष आनंद किशोर ने पहले दिन पटना के कई केंद्रों का निरीक्षण किया, जिनमें गांधी मैदान, गर्दनीबाग, अछुआरा और कमला नेहरू विद्यालय शामिल हैं। उन्होंने छात्रों से प्रश्न पत्र के स्तर पर बातचीत की और स्पष्ट किया कि किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

जिनकी परीक्षा छूटी, उन्हें मिलेगा मौका

बोर्ड ने घोषणा की है कि जिन छात्र-छात्राओं की किसी भी कारण से परीक्षा छूट गई है, उनके लिए मई 2026 में विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी।

  • आवेदन: मई-जून 2026
  • आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन

बोर्ड ने साफ किया कि गेट बंद होने के बाद किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा

पहले दिन की परीक्षा

  • पहली पाली (9:30–12:45): जीवविज्ञान, दर्शनशास्त्र
  • दूसरी पाली (2:00–5:15): अंग्रेजी, भूगोल

आज का परीक्षा कार्यक्रम

  • पहली पाली: गणित (कला व विज्ञान)
  • दूसरी पाली: राजनीतिक विज्ञान (कला) और फाउंडेशन कोर्स
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