Anant Singh Oath: बेउर जेल से एंबुलेंस में पहुंचे मोकामा विधायक, स्टाइलिश अंदाज में ली शपथ

 


पटना: मोकामा के बाहुबली नेता और जदयू विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली। स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें बेउर जेल से एंबुलेंस के जरिए विधानसभा लाया गया।

अनंत सिंह के शपथ ग्रहण को लेकर विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही और किसी भी तरह की भीड़ को अनुमति नहीं दी गई।

स्टाइलिश अंदाज में पहुंचे सदन

विधानसभा पहुंचते ही अनंत सिंह का अंदाज चर्चा का विषय बन गया।
वे कोट-पैंट पहने, गले में सोने की चेन और आंखों पर चश्मा लगाए नजर आए। हालांकि, सदन के भीतर शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने चश्मा उतार दिया।

सुरक्षा घेरे में विधानसभा तक लाए गए अनंत सिंह को देखने के लिए सदन में मौजूद कई विधायकों की नजरें उन पर टिकी रहीं।

बिना शपथ पत्र देखे ली शपथ

शपथ ग्रहण के दौरान अनंत सिंह ने शपथ पत्र पढ़े बिना ही विधायक पद की शपथ ली।
शपथ पूरी होते ही वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मुस्कुराते हुए उनसे हालचाल पूछा। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी मुस्कुराते नजर आए।

बेउर जेल से विधानसभा पहुंचकर शपथ लेना, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मुख्यमंत्री से मुलाकात — इन सभी घटनाओं ने अनंत सिंह को एक बार फिर बिहार की राजनीति के केंद्र में ला दिया है

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, अक्टूबर 2025 में मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। इस मामले में अनंत सिंह समेत कई लोगों पर हत्या की साजिश का आरोप है। इसी केस के चलते वे चुनाव से पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में बंद हैं।

यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान हुई थी।
29–30 अक्टूबर को मोकामा में चुनाव प्रचार चल रहा था। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में 75 वर्षीय दुलारचंद यादव प्रचार कर रहे थे। दुलारचंद यादव मोकामा क्षेत्र के पुराने दबंग नेता माने जाते थे और उनका संबंध कभी लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार जैसे नेताओं से रहा था।

इसी दौरान अनंत सिंह के काफिले और विरोधी पक्ष के समर्थकों के बीच टकराव हो गया, जो गाली-गलौज से शुरू होकर मारपीट और फायरिंग तक पहुंच गया। कथित तौर पर दुलारचंद यादव के पैर में गोली लगी थी।

जेल से लड़ा चुनाव, दर्ज की जीत

परिजनों का आरोप है कि गोली मारने के बाद अनंत सिंह के समर्थकों ने गाड़ी चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार मौत भारी वाहन के गुजरने से हुई, हालांकि गोली लगने का भी जिक्र जांच में है।

घटना के कुछ दिन बाद 2 नवंबर को पटना पुलिस ने अनंत सिंह को उनके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया। तब से वे पटना की बेउर जेल में बंद हैं। इस मामले में अब तक 80 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच पटना पुलिस के साथ-साथ CID कर रही है।

दिलचस्प बात यह है कि जेल में बंद रहते हुए ही अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

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