'लालू और मायावती की कमी संसद में खलती है', तेजस्वी ने पिता के पुराने बयान को किया पोस्ट, मायने समझिए
पटना: ' बहन मायावती जी अनडिस्प्यूटेड दलितों की नेता हैं। गरीबों की नेता हैं। महिला हैं। आज बहुत बड़ा काला इतिहास लिखा गया है संसदीय इतिहास में। मायावती जी सहारनपुर की घटना को लेकर दलितों के खिलाफ जो अत्याचार हो रहा है। अनाचार हो रहा है। मारे जा रहे हैं, लोग। उस सवाल को अपर हाउस में उठाना चाहती थीं। जिस तरीके से सारे बीजेपी के लोग। मुख्तार अब्बास नकवी जो है। उनको रोकने का प्रयास किया। उनको नहीं बोलने देने का जो उपाय किया। वो खिन्न हो करके। स्वभाविक है कि जिस सभा में गरीबों की बात नहीं सुनी जाए, वहां रहने का कोई औचित्य नहीं है।' उपरोक्त बयान लालू यादव ने तब दिया था,जब संसद में बीजेपी ने मायावती जी को सहारनपुर के एक मामले में बोलने नहीं दिया। लालू यादव ने इसकी आलोचना की थी।
तेजस्वी यादव ने किया पोस्ट
ध्यान रहे कि छुट्टी से लौटने के बाद तेजस्वी यादव इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हो गए हैं। रोजाना उनके एक्स अकाउंट पर दो दर्जन से ज्यादा पोस्ट आ रहे हैं। लोगों ने इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने आयरन लेडी बताते हुए मायावती के बर्थ डे पर बधाई दी है। इस पोस्ट पर यूजर्स ने कहा है कि झूठ बोलते हो आप बिहार उसका उदाहरण है। बिहार में लालू जी जब सत्ता में थे तो उनका हप्ता वसूली, प्रॉपर्ट कब्जा गैंग से दलित को दौड़ा दौड़ा कर पिटवाते थे। उसकी जगह जमीन पर अल्पसंख्यक समाज को भेजकर कब्जा करवाते थे। कई यूजर्स ने तेजस्वी यादव को जय भीम कहकर उनका स्वागत किया है। कुल मिलाकर तेजस्वी यादव ने इस पोस्ट के जरिए एक इमोशनल गेम खेला है।
लालू यादव का बयान
इतना ही नहीं, लालू यादव ने आगे मायावती के साहस की सराहना करते हुए और बीजेपी को फटकार लगाते हुए कहा था। मैं बीजेपी के सारे प्रयासों की आलोचना करता हूं। उनके मंत्रियों को। ये साफ हो गया है देश में। ये लोग दलितों के विरोधी हैं और दलितों के सवाल को नेशनल फ्रंट पर नहीं रखने देना चाहते हैं। मायावती जी ने जो स्टैंड लिया है, हम उसके साथ हैं। और मायावती जी को निश्चित रूप से हम लोग राज्यसभा भेजेंगे। इस सवाल को हम लोग देश भर में छेड़ेंगे। मायावती जी को बोलने नहीं दिया गया और उनका हक छीन लिया गया। लोकतंत्र के लिए बहुत अशुभ ये घटना है। मैं इसका पुरजोर विरोध करता हूं, जिन लोगों ने नहीं बोलने दिया। ये बहुत खराब परंपरा कायम हुई है। मायावती को नहीं बोलने देना, ये ठीक नहीं है। वो चाहेंगी, तो हम लोग भेजेंगे बिहार से।
मायावती की साहस को सलाम!
लालू यादव ने अपने इस बयान में मायावती को सपोर्ट किया था। उन्हें बिहार से राज्यसभा भेजने का ऑफर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनकी बहादुरी के लिए उनको मैं बधाई देता हूं। उनके साहस के लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं। राज्यसभा की सदस्यता उनके लिए कोई मोल नहीं रखता है। गरीबों के सामने। बहन मायावती जी का आज जन्मदिन है। तेजस्वी यादव ने लालू यादव के इस बयान को पोस्ट कर दलित- पिछड़ा एकता की अपनी राजनीति को धार देने की कोशिश की है। तेजस्वी यादव ने संसंद की वर्तमान हालत पर टिप्पणी भी की है। तेजस्वी के मुताबिक आज लालू यादव और मायावती संसद में नहीं हैं, ये कमी खलती है। कुल मिलाकर आरजेडी दलितों और पिछड़ों के बीच अपने को बेहतर साबित करने की कोशिश में लगातार लगी रहती है। ये पोस्ट उसी की एक बानगी है।
