बिहार में भूमि अभिलेख पूरी तरह ऑनलाइन घर बैठे देखें खतियान, जमाबंदी और रजिस्ट्री, जानिए पूरा प्रोसेस

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पटना

बिहार सरकार ने भूमि प्रशासन को पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्यभर में भूमि अभिलेख (Land Records) को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। अब नागरिक खतियान, जमाबंदी, रजिस्ट्री की प्रति और भू-नक्शा जैसी अहम जानकारी घर बैठे ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकते हैं। यह नई व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो चुकी है।

इस डिजिटल पहल से लोगों को अब सर्कल ऑफिस के चक्कर, दलालों की निर्भरता और अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी।

किस पोर्टल से मिलेगी जमीन की जानकारी?

बिहार सरकार के आधिकारिक भू-अभिलेख पोर्टल
👉 bhuabhilekh.bihar.gov.in
के माध्यम से सभी भूमि संबंधी रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इस पोर्टल से प्राप्त दस्तावेज

  • डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होते हैं
  • पूरी तरह कानूनी रूप से मान्य होते हैं

अब घर बैठे मिलेगा जमीन का कागज

नई व्यवस्था के तहत नागरिक अब अपने मोबाइल या कंप्यूटर से:

  • खतियान (पुराना / नया)
  • जमाबंदी विवरण
  • रजिस्ट्री की प्रति
  • भू-नक्शा (Land Map)
  • अन्य राजस्व अभिलेख

कुछ ही मिनटों में देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

कुछ जिलों में प्रमाणित प्रतियां डाक के माध्यम से घर तक भेजी जा रही हैं, जबकि भू-नक्शा ऑनलाइन डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।

पहले क्या थी परेशानी?

डिजिटलीकरण से पहले:

  • सर्कल ऑफिस या जिला अभिलेखागार जाना पड़ता था
  • बार-बार फॉर्म जमा करने होते थे
  • बिचौलियों पर निर्भरता रहती थी
  • 7 से 14 दिन या उससे ज्यादा समय लगता था
  • कम सरकारी शुल्क के बावजूद अतिरिक्त खर्च और परेशानी आम थी

ऑनलाइन प्रक्रिया कैसे काम करती है? (Step-by-Step Process)

नई ऑनलाइन प्रणाली के तहत उपयोगकर्ता को सिर्फ ये स्टेप फॉलो करने होते हैं:

  1. bhuabhilekh.bihar.gov.in पर जाएं
  2. अपना जिला, अंचल (Circle) और मौजा चुनें
  3. खाता नंबर या प्लॉट नंबर दर्ज करें
  4. आवश्यक दस्तावेज (खतियान / जमाबंदी / रजिस्ट्री) चुनें
  5. ऑनलाइन भुगतान करें
  6. कुछ ही मिनटों में दस्तावेज डाउनलोड करें

ऑनलाइन सेवाओं का शुल्क कितना है?

सरकार ने भूमि अभिलेखों के लिए स्पष्ट शुल्क संरचना तय की है:

  • 📄 1990 के बाद की रजिस्ट्री की प्रति:
लगभग ₹600 प्रति विलेख

  • 📄 खतियान / जमाबंदी देखने का शुल्क:
₹10 से ₹20 (कई मामलों में निःशुल्क)

  • 📄 प्रमाणित प्रति:
लगभग ₹40 प्रति आवेदन

  • 🗺️ भू-नक्शा (Land Map):
नाममात्र शुल्क

क्या हैं इस नई व्यवस्था के फायदे?

  • ⏱️ समय की बड़ी बचत
  • 💰 अनावश्यक खर्च से राहत
  • 🧾 भ्रष्टाचार में कमी
  • 🔍 पारदर्शिता में इजाफा
  • 🏡 घर बैठे भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध
  • 🇮🇳 डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती

क्या अभी भी कोई कमी है?

अधिकारियों के अनुसार:

  • कुछ इलाकों में सभी पुराने दस्तावेज अभी स्कैन नहीं हुए हैं
  • राज्यव्यापी डिजिटलीकरण का काम जारी है
  • जल्द ही सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होंगे

आम जनता के लिए बड़ी राहत

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों ने इस पहल को आम जनता के लिए ऐतिहासिक सुधार बताया है। इससे न केवल जमीन से जुड़े विवाद कम होंगे, बल्कि सरकारी सिस्टम पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।

निष्कर्ष

बिहार में भूमि अभिलेखों का पूरी तरह ऑनलाइन होना राज्य के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब नागरिकों को खतियान, जमाबंदी और रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह पहल पारदर्शिता, सुविधा और सुशासन की मजबूत मिसाल बन रही है।

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