पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘भारत रत्न’ से सम्मानित जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई प्रमुख नेताओं ने सामाजिक न्याय के इस महान नेता को नमन किया और उनके योगदान को स्मरण किया।
पीएम मोदी ने कर्पूरी ठाकुर को बताया प्रेरणास्रोत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर की पहचान उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति समर्पण से रही है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि समाज के शोषित, वंचित और कमजोर वर्गों का उत्थान उनकी राजनीति का केंद्र रहा। वे अपने आदर्शों और कार्यों के कारण आज भी लोगों के लिए अनुकरणीय बने हुए हैं।
पीएम मोदी ने साझा किया भाषण का अंश
जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक पुराने भाषण का अंश भी साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का पूरा जीवन सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। उनकी सादगी और ईमानदारी आज भी मिसाल के तौर पर याद की जाती है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कर्पूरी ठाकुर मां भारती के अनमोल रत्न थे और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना देश के लिए गौरव का विषय है।
अमित शाह ने सामाजिक न्याय का पुरोधा बताया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सामाजिक न्याय के ऐसे नेता थे, जिन्होंने पिछड़ों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था कर एक मजबूत उदाहरण पेश किया।
अमित शाह ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचार आज भी देश की राजनीति और नीतियों को दिशा देने का काम कर रहे हैं।
सीएम नीतीश कुमार ने पटना में दी श्रद्धांजलि
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना स्थित कर्पूरी ठाकुर स्मारक पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को महान समाजवादी नेता बताते हुए कहा कि उनका जीवन सामाजिक समानता और जनकल्याण को समर्पित था।
इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कर्पूरी ठाकुर को नमन किया और कहा कि सामाजिक न्याय, समता और गरीबों के कल्याण के लिए उनका संघर्ष हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
सामाजिक न्याय की राजनीति की अमिट छाप
कर्पूरी ठाकुर बिहार ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति में पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों की आवाज के रूप में पहचाने जाते हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने आरक्षण और समान अवसर की नीति को मजबूती दी, जिससे समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिला।
उनकी सादगीपूर्ण जीवनशैली और सिद्धांतों पर आधारित राजनीति आज भी जननेताओं के लिए आदर्श मानी जाती है।
