बेऊर जेल से रिहा हुए तेज प्रताप, राबड़ी आवास पर तेजस्वी संग की लंबी बैठक
तेज प्रताप यादव रिहाई बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ी चर्चा का विषय बनी रही। तेज प्रताप यादव रिहाई के बाद वे सीधे अपनी मां राबड़ी देवी से मिलने उनके पटना स्थित आवास पहुंचे। इस दौरान उनकी मुलाकात छोटे भाई तेजस्वी यादव से भी हुई। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई, हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है।
जेल से बाहर आने के बाद तेज प्रताप यादव का समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद वे कौटिल्य नगर स्थित राबड़ी देवी के आवास पहुंचे, जहां पहले से तेजस्वी यादव मौजूद थे। दोनों भाइयों की मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
छात्र आंदोलन के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
तेज प्रताप यादव को हाल ही में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें बेऊर जेल भेजा गया था।
इस बीच विपक्ष ने छात्र आंदोलन में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग लगातार उठाई। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की थी।
सरकार की ओर से बाद में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया गया। इसी प्रक्रिया के तहत तेज प्रताप यादव भी जेल से रिहा हुए।
राबड़ी आवास पर परिवार की अहम मुलाकात
रिहाई के बाद तेज प्रताप यादव सीधे अपनी मां राबड़ी देवी से मिलने पहुंचे। इस दौरान तेजस्वी यादव भी वहीं मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई।
हालांकि, बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी राजनीतिक रणनीति और मौजूदा हालात पर चर्चा हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि संबंधित पक्षों की ओर से नहीं की गई है।
बांकीपुर उपचुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
तेज प्रताप यादव की रिहाई ऐसे समय हुई है जब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल सक्रिय हैं। इस चुनाव को बिहार की राजनीति में प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के लिए यह सीट लंबे समय से मजबूत मानी जाती रही है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल पिछली बार इस सीट पर दूसरे स्थान पर रहा था। ऐसे में दोनों दल इस चुनाव को लेकर पूरी ताकत लगा रहे हैं।
प्रशांत किशोर की मौजूदगी से मुकाबला हुआ दिलचस्प
बांकीपुर उपचुनाव में इस बार प्रशांत किशोर की पार्टी भी मैदान में है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनकी मौजूदगी चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकती है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि जन सुराज उम्मीदवार अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो इसका असर भाजपा और राजद दोनों के पारंपरिक वोट बैंक पर पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम परिणाम मतदाताओं के फैसले पर ही निर्भर करेगा।
राजद के लिए क्यों अहम है यह चुनाव?
बांकीपुर सीट पर इस बार राजद की ओर से रेखा गुप्ता उम्मीदवार हैं। पार्टी इस चुनाव में अपना प्रदर्शन बेहतर करने की कोशिश में है।
वहीं भाजपा अपनी परंपरागत सीट बचाने के लिए चुनावी अभियान तेज कर चुकी है। ऐसे में तेज प्रताप यादव की रिहाई और परिवार की एकजुटता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं स्वाभाविक रूप से बढ़ गई हैं।
हालांकि, किसी भी राजनीतिक प्रभाव का आकलन चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
आगे क्या रहेगा ध्यान?
बांकीपुर उपचुनाव से पहले सभी दल अपने-अपने चुनाव प्रचार और रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। ऐसे में तेज प्रताप यादव की रिहाई और राबड़ी देवी के आवास पर हुई पारिवारिक मुलाकात पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में विभिन्न दल चुनाव प्रचार के दौरान किन मुद्दों को प्रमुखता देते हैं और मतदाता किस दिशा में अपना समर्थन व्यक्त करते हैं।
