समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय में CBI का बड़ा एक्शन, APO समेत दो कर्मचारी हिरासत में, मचा हड़कंप


 

समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब CBI की टीम अचानक कार्यालय पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय स्थित एपीओ शाखा में पहुंची केंद्रीय जांच एजेंसी ने सहायक कार्मिक पदाधिकारी (APO) अरुण कुमार मंडल और डीलिंग क्लर्क अमृत कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इस कार्रवाई के बाद पूरे रेल मंडल कार्यालय में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

फिलहाल सीबीआई की ओर से कार्रवाई के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई कथित रिश्वतखोरी और लेन-देन से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एजेंसी ने जांच को गोपनीय रखा है।

दोपहर में अचानक पहुंची CBI टीम, APO और क्लर्क को लिया हिरासत में

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे सीबीआई की टीम समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय पहुंची। टीम सीधे एपीओ शाखा में गई और वहां मौजूद सहायक कार्मिक पदाधिकारी अरुण कुमार मंडल से पूछताछ शुरू की।

कुछ देर बाद एजेंसी ने डीलिंग क्लर्क अमृत कुमार को भी अपने साथ लिया। दोनों अधिकारियों को आगे की पूछताछ के लिए समस्तीपुर रेलवे ऑफिसर्स क्लब ले जाया गया, जहां सीबीआई की टीम उनसे अलग-अलग पूछताछ कर रही है।

कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।

रिश्वतखोरी के मामले से जुड़ी बताई जा रही है कार्रवाई

हालांकि सीबीआई ने अभी तक मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई का संबंध कथित रिश्वत के लेन-देन से हो सकता है।

बताया जा रहा है कि एजेंसी को कुछ समय पहले इस मामले से संबंधित शिकायत और प्राथमिक इनपुट मिले थे। इसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और गुरुवार को कार्रवाई की गई।

हालांकि जब तक सीबीआई की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं होता, तब तक कार्रवाई के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं मानी जा सकती।

रेल मंडल कार्यालय में मचा हड़कंप, कर्मचारी रहे सतर्क

सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय में पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा। अचानक हुई जांच से कई कर्मचारी हैरान रह गए और कार्यालय में सामान्य कामकाज कुछ समय के लिए प्रभावित भी दिखाई दिया।

सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने कुछ दस्तावेजों और कार्यालय से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की है। हालांकि जब्त किए गए दस्तावेजों या अन्य साक्ष्यों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि जांच आगे और किन अधिकारियों या कर्मचारियों तक पहुंच सकती है।

आधिकारिक बयान का इंतजार, जांच जारी

सीबीआई फिलहाल दोनों कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है। एजेंसी की ओर से अभी तक न तो एफआईआर से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की गई है और न ही किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर सीबीआई की अगली आधिकारिक कार्रवाई और बयान पर टिकी हुई है।

रेल मंडल से जुड़े अधिकारी भी फिलहाल जांच पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। मामले में जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

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