बिहार शिक्षा विधेयक के विरोध में समस्तीपुर विमेंस कॉलेज में काली पट्टी बांधकर शिक्षकों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन


 

बिहार शिक्षा विधेयक को लेकर राज्यभर में चर्चा तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में बिहार शिक्षा विधेयक के विरोध में गुरुवार को समस्तीपुर स्थित विमेंस कॉलेज के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि विरोध के बावजूद कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहीं और सभी कर्मचारियों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराई।

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह प्रतीकात्मक था। इसका उद्देश्य प्रस्तावित शिक्षा विधेयक के प्रति अपनी चिंता और विरोध को शांतिपूर्ण ढंग से सरकार तक पहुंचाना था, ताकि शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुए बिना अपनी बात रखी जा सके।

काली पट्टी बांधकर जताया प्रस्तावित शिक्षा विधेयक का विरोध

गुरुवार को विमेंस कॉलेज परिसर में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी काली पट्टी बांधकर अपने कार्यस्थल पर पहुंचे। सभी ने नियमित रूप से कक्षाएं, कार्यालयी कार्य और अन्य जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन साथ ही प्रस्तावित शिक्षा विधेयक के प्रति अपना विरोध भी दर्ज कराया।

कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. सुरेश साह ने बताया कि महाविद्यालय परिवार ने पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ प्रतीकात्मक विरोध किया। उनका कहना था कि यह विरोध किसी भी प्रकार से विद्यार्थियों की पढ़ाई या संस्थान के दैनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न किए बिना किया गया।

 लोकतांत्रिक तरीके से रखी गई असहमति

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर व्यापक चर्चा और सभी संबंधित पक्षों से संवाद होना आवश्यक है।

कॉलेज प्रशासन ने भी इस दौरान अनुशासन बनाए रखा और यह सुनिश्चित किया कि विरोध प्रदर्शन के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। पूरे कार्यक्रम में शांतिपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी रहे मौजूद

इस प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन में कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सोनी सलोनी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल हुए।

प्रदर्शन में मीडिया प्रभारी डॉ. सुरेश साह, डॉ. नेहा जायसवाल, डॉ. मधुलिका मिश्रा, प्रो. फरहत जबीं, डॉ. अनु कुमारी, डॉ. रिंकी कुमारी, डॉ. रंजन कुमार, डॉ. सोनी सिन्हा, डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. शालिनी, डॉ. स्मिता कुमारी, डॉ. पूर्णिमा शर्मा, डॉ. ऋचा वर्मा, डॉ. मृत्युञ्जय ठाकुर, डॉ. चंदन सिन्हा, डॉ. नवेश कुमार, डॉ. आभा कुमारी, डॉ. नीरज प्रसाद, डॉ. ऋतु सांगवान, डॉ. अपूर्वा मुले, राधा कुमारी, पिनाक पानी बोस समेत महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित रहे।

शिक्षा विधेयक को लेकर बढ़ रही चर्चा

बिहार सरकार के प्रस्तावित शिक्षा विधेयक को लेकर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और शिक्षकों के बीच चर्चा जारी है। कई संस्थानों में इसे लेकर अलग-अलग स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समस्तीपुर विमेंस कॉलेज का यह विरोध भी उसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है।

फिलहाल महाविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पर जोर दिया है। वहीं, इस विधेयक को लेकर सरकार की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर शिक्षा जगत की नजर बनी हुई है।

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