बांकीपुर वोटिंग से पहले प्रशांत किशोर पर FIR, AI वीडियो विवाद ने बढ़ाई मुश्किलें

प्रशांत किशोर FIR का मामला बांकीपुर उपचुनाव की वोटिंग से ठीक एक दिन पहले चर्चा का विषय बन गया है। प्रशांत किशोर FIR को लेकर पटना के शास्त्री नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार की ओर से दी गई है। आरोप है कि जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चुनावी वीडियो को फर्जी और एआई से तैयार बताया, जिससे राजनीतिक विवाद गहरा गया है। वोटिंग से पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। अब पुलिस शिकायत के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाएगी।
JDU ने क्यों दर्ज कराई शिकायत?
जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शास्त्री नगर थाने पहुंचे और प्रशांत किशोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वीडियो को फर्जी और एआई जनरेटेड बताकर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है। नीरज कुमार ने पुलिस से अनुरोध किया कि पूरे मामले की विधिसम्मत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि चुनाव जैसे संवेदनशील समय में इस तरह के आरोप मतदाताओं को भ्रमित कर सकते हैं।
वीडियो में क्या कहा था नीतीश कुमार ने?
विवाद जिस वीडियो को लेकर शुरू हुआ, उसमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा के समर्थन में मतदान की अपील की थी। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और विश्वास से पिछले दो दशकों में बिहार में न्याय के साथ विकास की दिशा में काम किया गया है। उन्होंने मतदाताओं से विकास की इस गति को बनाए रखने और विकसित बिहार के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए अपने मत का उपयोग करने की अपील की। यही वीडियो बाद में राजनीतिक विवाद का कारण बन गया।
प्रशांत किशोर ने क्या लगाए आरोप?
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस वीडियो को असली मानने से इनकार किया। उनका दावा था कि यह वीडियो पूरी तरह एआई तकनीक का उपयोग करके तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि वीडियो को ध्यान से देखने पर स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि इसमें एडिटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया है। उनके अनुसार यह वीडियो वास्तविक नहीं है और इसमें दिखाई गई अपील भी नीतीश कुमार का वास्तविक बयान नहीं है। प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे पर बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
वोटिंग से पहले क्यों बढ़ा राजनीतिक विवाद?
बांकीपुर उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को होना है। ऐसे समय में एआई वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद चुनावी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक ओर जेडीयू इसे अपने नेता की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बता रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशांत किशोर अपने दावे पर कायम हैं कि वीडियो वास्तविक नहीं है। इस पूरे मामले ने चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।
अब आगे क्या हो सकता है?
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस शिकायत की जांच करेगी। जांच के दौरान वीडियो की तकनीकी जांच, संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को देखा जा सकता है। फिलहाल किसी भी पक्ष के दावों पर आधिकारिक जांच पूरी नहीं हुई है। इसलिए यह तय होना अभी बाकी है कि वीडियो वास्तविक था या उसमें किसी प्रकार की एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। चुनाव से पहले यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।