बेऊर जेल के बाहर फूटा परिजनों का गुस्सा, छात्रों की रिहाई नहीं हुई तो फिर होगा आंदोलन

Patna Students Arrest मामले में बुधवार को भी बेऊर जेल के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। Patna Students Arrest के बाद जेल भेजे गए कई छात्रों की रिहाई नहीं होने से उनके परिजन और दोस्त सुबह से ही जेल के बाहर डटे रहे। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया तो वे दोबारा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस बीच जेल प्रशासन पर भी कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
सुबह से जेल के बाहर इंतजार, बढ़ता गया आक्रोश
बुधवार सुबह करीब छह बजे से ही बड़ी संख्या में परिजन और छात्र बेऊर जेल के बाहर पहुंच गए। सभी को उम्मीद थी कि सरकार की ओर से जारी निर्देशों के बाद प्रदर्शनकारियों की रिहाई होगी। लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी कई छात्र बाहर नहीं आए। इससे नाराज परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने चेतावनी दी कि यदि आज भी रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन फिर तेज किया जाएगा। कई छात्रों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है।
जेल प्रशासन पर लगाए गए गंभीर आरोप
जेल के बाहर मौजूद कई परिजनों ने बेऊर जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि छात्रों के लिए ले जाया गया सामान उन्हें नहीं मिल रहा है। कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि खाने-पीने का सामान और कपड़े तक छात्रों तक नहीं पहुंच रहे। उनका कहना है कि जेल के भीतर व्यवस्था को लेकर कई शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और जेल प्रशासन की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मुलाकात व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल
परिजनों ने जेल में मुलाकात की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि ऑनलाइन आवेदन करने पर मुलाकात नहीं मिल रही, जबकि पैसे देकर कुछ लोगों की मुलाकात जल्दी कराई जा रही है। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि जेल परिसर के आसपास एजेंट सक्रिय हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इन आरोपों पर भी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छात्रों को अपराधियों के बीच रखने का आरोप
परिजनों ने सबसे गंभीर आरोप यह लगाया कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों को पुराने और गंभीर आपराधिक मामलों में बंद कैदियों के साथ रखा गया है। उनका कहना है कि इससे छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल के भीतर छात्रों से पैसे मांगने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। इन दावों की पुष्टि किसी आधिकारिक एजेंसी ने नहीं की है। यदि जांच होती है तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तेज प्रताप यादव समेत पांच लोगों की हो चुकी है रिहाई
मंगलवार को सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद जेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव सहित कुल पांच लोगों को बेऊर जेल से रिहा किया गया था। बताया गया कि देर शाम जमानत से जुड़े दस्तावेज जेल प्रशासन तक पहुंचने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और इसके बाद उन्हें रिहा किया गया। बेऊर जेल अधीक्षक ने भी पांच लोगों की रिहाई की पुष्टि की थी। इसी के बाद बाकी प्रदर्शनकारियों के परिजनों को उम्मीद थी कि बुधवार को अन्य छात्रों को भी रिहा कर दिया जाएगा।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल कई छात्र अब भी रिहाई का इंतजार कर रहे हैं। जेल के बाहर परिजनों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। यदि रिहाई में और देरी होती है तो आंदोलन दोबारा तेज होने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर प्रशासन की अगली कार्रवाई और आधिकारिक बयान पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। पूरे घटनाक्रम ने छात्र आंदोलन, कानून-व्यवस्था और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले घंटों में प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदम इस मामले की दिशा तय कर सकते हैं।