मुजफ्फरपुर के किसानों की होगी बल्ले-बल्ले! पान खेती पर ₹11,750 अनुदान का मौका


 

पान विकास योजना के तहत मुजफ्फरपुर जिले के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। पान विकास योजना में अब मुजफ्फरपुर को भी शामिल कर लिया गया है। इस योजना के जरिए क्लस्टर आधारित पान की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा और पात्र किसानों को प्रति इकाई 11,750 रुपये का अनुदान मिलेगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। योजना का उद्देश्य पान उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और जिले में आधुनिक पान खेती को प्रोत्साहित करना है।

मुजफ्फरपुर के सभी 16 प्रखंडों के किसान उठा सकेंगे लाभ

उद्यान विभाग के अनुसार जिले के सभी 16 प्रखंडों के इच्छुक किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं। किसानों का चयन ऑनलाइन आवेदन के आधार पर किया जाएगा।

योजना के तहत व्यक्तिगत किसान और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़े किसान दोनों आवेदन कर सकते हैं। चयन पात्रता और विभागीय मानकों के अनुसार किया जाएगा।

मुजफ्फरपुर के अलावा औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, वैशाली, नालंदा, नवादा, सारण, भागलपुर, समस्तीपुर, मुंगेर और दरभंगा जिलों में भी यह योजना लागू की गई है।

कितना मिलेगा अनुदान और किस काम के लिए?

इस योजना के तहत 100 वर्गमीटर क्षेत्र में पान की खेती के लिए प्रति इकाई 11,750 रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

यह राशि मुख्य रूप से बरेजा (संरक्षित ढांचा) तैयार करने के लिए मिलेगी। बरेजा पान की खेती का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है क्योंकि इससे पान की बेल और पत्तियां सुरक्षित रहती हैं।

राज्य सरकार ने पूरे बिहार में 30 हजार बरेजा इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य रखा है, जिससे पान उत्पादन को नई गति मिल सके।

बरेजा क्या होता है और क्यों है जरूरी?

जिला उद्यान पदाधिकारी आभा कुमारी के अनुसार, बरेजा पान की खेती के लिए बनाया जाने वाला विशेष संरक्षित ढांचा होता है।

इसे बांस, लकड़ी, पुआल, घास या फूस जैसी स्थानीय सामग्री से तैयार किया जाता है। यह ढांचा पान की नाजुक पत्तियों को तेज धूप, पाला, तेज हवा और भारी बारिश से बचाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बरेजा बनने से पान की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है।

ऑनलाइन आवेदन के लिए क्या है जरूरी?

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का डीबीटी (Direct Benefit Transfer) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।

इसके बाद किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद विभाग पात्र किसानों का चयन करेगा और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

यदि किसी किसान का डीबीटी पंजीकरण नहीं है, तो पहले उसे यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

मुजफ्फरपुर में पान खेती को मिलेगा नया विस्तार

मुजफ्फरपुर के मोतीपुर, कटरा, मीनापुर और कांटी क्षेत्रों में लंबे समय से पारंपरिक रूप से पान की खेती होती रही है।

अब सरकार की इस योजना के माध्यम से अन्य प्रखंडों के किसानों को भी पान उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे जिले में पान की खेती का रकबा बढ़ने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आधुनिक तकनीक और सरकारी सहायता समय पर मिले, तो मुजफ्फरपुर पान उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

राज्य सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करना भी है।

पान विकास योजना के जरिए आधुनिक खेती, संरक्षित उत्पादन और बाजार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

सरकार का मानना है कि क्लस्टर आधारित खेती से लागत कम होगी और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा।

पान विकास योजना: एक नजर में 

  • मुजफ्फरपुर को पान विकास योजना में शामिल किया गया।
  • जिले के सभी 16 प्रखंडों के किसान आवेदन कर सकते हैं।
  • प्रति 100 वर्गमीटर क्षेत्र के लिए ₹11,750 अनुदान मिलेगा।
  • डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य है।
  • योजना का उद्देश्य बरेजा निर्माण, पान उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

सरकार की यह पहल पारंपरिक पान खेती को आधुनिक तकनीक और वित्तीय सहायता से जोड़ने का प्रयास है। यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो इससे मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिल सकता है।

Next Post Previous Post
हमसे जुड़ें
1