आशिक को जेल, माशूका को बेल! BDO और महिला दारोगा की 6 साल पुरानी प्रेम कहानी का खुलासा
Darbhanga BDO दहेज हत्या केस में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। Darbhanga BDO दहेज हत्या केस में पुलिस ने जाले प्रखंड के बीडीओ मनोज कुमार के बाद उनकी कथित प्रेमिका और बेगूसराय में तैनात एएसआई अनु कुमारी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कई अहम कड़ियां सामने आई हैं। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां बीडीओ मनोज कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि महिला दारोगा को पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।
मामला दहेज हत्या, कथित प्रेम संबंध और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़ा होने के कारण लगातार चर्चा में बना हुआ है। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी कर रही है।
दहेज हत्या मामले में प्रेमिका ASI की गिरफ्तारी क्यों हुई?
दरभंगा के एसएसपी कांतेश मिश्रा के अनुसार, बीडीओ मनोज कुमार से पूछताछ के दौरान उनकी कथित प्रेमिका एएसआई अनु कुमारी के साथ लंबे समय से संबंध होने की जानकारी सामने आई।
मृतका अमृता कुमारी के भाई राजकुमार ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि अनु कुमारी से संबंधों का विरोध करने पर मनोज अपनी पत्नी को प्रताड़ित करता था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दहेज की मांग और इसी विवाद के चलते अमृता को जहर देकर मार दिया गया।
पुलिस ने मामले में पति, कथित प्रेमिका, सास, ससुर, देवर और ननद सहित कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया है।
मौत वाले दिन पटना में मिलने का दावा
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि जिस दिन अमृता की मौत हुई, उसी दिन मनोज कुमार और अनु कुमारी पटना में मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार, अनु विश्वविद्यालय की परीक्षा देने के बाद पटना गई थी, जबकि मनोज प्रशिक्षण कार्यक्रम के सिलसिले में वहां था। जांच एजेंसियां इस दौरान दोनों की गतिविधियों, मोबाइल लोकेशन और वीडियो कॉल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं।
हालांकि पुलिस ने अभी तक इन सभी बिंदुओं पर अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है और जांच जारी है।
2020 से शुरू हुई थी पहचान, फिर बढ़ा संपर्क
प्रारंभिक जांच और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मनोज कुमार, अमृता और अनु एक-दूसरे को पहले से जानते थे।
बताया जा रहा है कि कोचिंग के दौरान मनोज और अनु की दोस्ती हुई थी। बाद में मनोज और अमृता के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों ने 19 दिसंबर 2022 को विवाह किया।
आरोप है कि विवाह के बाद भी मनोज और अनु के बीच संपर्क बना रहा। इसी वजह से दांपत्य जीवन में विवाद बढ़ता गया। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है।
CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्य बने अहम कड़ी
जांच के दौरान पुलिस को एक सीसीटीवी वीडियो मिला है, जिसमें अमृता के साथ कथित मारपीट होती दिखाई देने का दावा किया गया है।
इसी वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनोज कुमार और अनु कुमारी को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने दोनों को आमने-सामने बैठाकर सवाल किए। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने कई जानकारियों से इनकार किया, लेकिन मोबाइल लोकेशन, तस्वीरों और चैट रिकॉर्ड दिखाए जाने के बाद दोनों ने आपसी प्रेम संबंध होने की बात स्वीकार की।
गायब मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप की तलाश जारी
पुलिस अब अमृता के दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट और एक लैपटॉप की तलाश कर रही है।
मृतका के भाई का आरोप है कि इन उपकरणों में प्रताड़ना और हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मौजूद हो सकते हैं। उनका कहना है कि सबूत मिटाने की नीयत से इन डिवाइसों को गायब किया गया।
पुलिस तकनीकी सर्विलांस की मदद से इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब बीडीओ मनोज कुमार के पिता, मां, भाई और बहन की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि वायरल सीसीटीवी फुटेज में कई नामजद आरोपियों की मौजूदगी दिखाई देने का दावा किया गया है। इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे नए साक्ष्य मिल रहे हैं, मामले की जांच उसी अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।
अब आगे क्या?
फिलहाल पुलिस मोबाइल डेटा, चैट हिस्ट्री, कॉल डिटेल, लोकेशन रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच करा रही है।
जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और गायब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी जांच की प्राथमिकता बनी हुई है।
