भरत तिवारी केस पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, बोले- दोषियों की होगी गिरफ्तारी
भरत तिवारी केस को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है। भरत तिवारी केस पर उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण किया था, तो उसकी हत्या नहीं हो सकती और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। शुक्रवार को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव पहुंचकर उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की, उन्हें सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच के साथ न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे।
परिजनों से मुलाकात के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला। परिवार के सदस्यों ने अपनी पीड़ा साझा की, जबकि चिराग पासवान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी और कानून के दायरे में कार्रवाई होगी।
परिजनों से मुलाकात के बाद क्या बोले चिराग पासवान?
मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी आरोपी के साथ कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण करता है, तो उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए, न कि उसकी जान ली जाए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी और जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से चर्चा करेंगे।
परिवार ने न्याय की उठाई मांग
भरत तिवारी के पिता ने कहा कि चिराग पासवान के गांव आने से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं उनकी मां ने मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की।
परिजनों का कहना है कि उन्हें निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की अपील भी की।
जांच के सभी पहलुओं पर दिया जोर
चिराग पासवान ने कहा कि इस मामले से जुड़े हर पहलू की जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार केवल घटना ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की भी निष्पक्ष पड़ताल आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी सरकारी योजना या अन्य मामलों से संबंधित दस्तावेज या डिजिटल साक्ष्य इस प्रकरण से जुड़े हैं, तो उनकी भी जांच एजेंसियों द्वारा जांच की जानी चाहिए। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
अमित शाह से मुलाकात के बाद पहुंचे भोजपुर
इस मामले पर बयान देने से पहले चिराग पासवान ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद वह पटना पहुंचे और शुक्रवार को सीधे भोजपुर के बिलौटी गांव जाकर पीड़ित परिवार से मिले।
हालांकि, दोनों नेताओं की मुलाकात में भरत तिवारी मामले पर क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पार्टी नेताओं ने भी उठाई कार्रवाई की मांग
चिराग पासवान की पार्टी के नेता राजू तिवारी ने भी मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और यदि किसी पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और अंतिम निर्णय जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
अब आगे क्या?
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां एफआईआर में दर्ज तथ्यों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही हैं। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
भरत तिवारी प्रकरण पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। ऐसे में सभी पक्षों की नजर अब जांच की प्रगति और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।
