Bankipur By-Election: बांकीपुर में RJD का बड़ा दांव, रेखा गुप्ता फिर मैदान में; मुकाबला हुआ दिलचस्प
Bankipur By-Election बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल होता जा रहा है। Bankipur By-Election के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी उम्मीदवार की घोषणा करते हुए रेखा कुमारी गुप्ता को मैदान में उतार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने उनके नाम का ऐलान किया। इस सीट पर पहले से जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं, जबकि भाजपा अभी अपने उम्मीदवार के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं कर पाई है। ऐसे में बांकीपुर का उपचुनाव अब बहुकोणीय और बेहद दिलचस्प होता नजर आ रहा है।
RJD ने लगातार दूसरी बार रेखा गुप्ता पर जताया भरोसा
राजद ने एक बार फिर रेखा कुमारी गुप्ता को बांकीपुर से उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले भी वह 2025 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से महागठबंधन की उम्मीदवार थीं।
उस चुनाव में उन्होंने भाजपा के नितिन नवीन को कड़ी टक्कर दी थी और 46,363 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहीं। हालांकि उन्हें लगभग 51 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
पार्टी का मानना है कि पिछले चुनाव का अनुभव और क्षेत्र में उनकी सक्रियता इस बार उनके लिए राजनीतिक बढ़त साबित हो सकती है।
क्यों हो रहा है बांकीपुर उपचुनाव?
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई है। उनके इस्तीफे के कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
भाजपा इस सीट को अपने कब्जे में बनाए रखने की तैयारी कर रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक पार्टी ने अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी।
दूसरी ओर, जन सुराज के प्रशांत किशोर पहले ही चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर चुके हैं। वहीं तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल ने सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है।
कांग्रेस के रुख पर टिकी हैं सबकी निगाहें
महागठबंधन के भीतर बांकीपुर सीट को लेकर पहले से चर्चा चल रही थी। कांग्रेस इस सीट पर अपना दावा जताती रही है और इसे अपनी पारंपरिक सीट बताती है।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असीतनाथ तिवारी ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि बांकीपुर से कांग्रेस को चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए।
हालांकि अब राजद द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद सबकी नजर कांग्रेस की अगली रणनीति पर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस फैसले पर क्या रुख अपनाती है।
कौन हैं रेखा कुमारी गुप्ता?
45 वर्षीय रेखा कुमारी गुप्ता स्नातक शिक्षित हैं और पेशे से व्यवसायी हैं। वह लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं।
राजनीतिक हलकों में उन्हें लालू परिवार और तेजस्वी यादव की टीम के करीबी नेताओं में गिना जाता है। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी मौजूदगी बताई जाती है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर पहचान मिली है।
कांग्रेस छोड़कर RJD में हुई थीं शामिल
रेखा कुमारी गुप्ता का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। उन्होंने लंबे समय तक कांग्रेस में काम किया, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने पार्टी छोड़ दी।
इसके बाद वह राजद में शामिल हुईं और 2025 के विधानसभा चुनाव में पहली बार बांकीपुर से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा।
अब पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है, जिससे साफ है कि राजद इस सीट पर पिछले चुनाव के अनुभव को अपनी रणनीति का हिस्सा बना रहा है।
सामाजिक समीकरण भी बन सकते हैं अहम
रेखा कुमारी गुप्ता वैश्य समाज की तेली समुदाय से आती हैं। बांकीपुर क्षेत्र में वैश्य मतदाताओं की अच्छी संख्या मानी जाती है।
वह बिहार तैलिक साहू सभा की कोषाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सामाजिक समीकरण भी इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हालांकि चुनावी नतीजे केवल जातीय समीकरणों पर निर्भर नहीं होंगे। उम्मीदवारों की लोकप्रियता, संगठन की ताकत और चुनाव प्रचार भी निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
बांकीपुर का मुकाबला क्यों है खास?
बांकीपुर उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की बदलती राजनीतिक रणनीतियों की परीक्षा भी माना जा रहा है।
एक तरफ राजद ने अपना उम्मीदवार घोषित कर चुनावी तैयारी तेज कर दी है। दूसरी ओर भाजपा के प्रत्याशी का इंतजार है, जबकि प्रशांत किशोर की मौजूदगी ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है।
आने वाले दिनों में भाजपा की उम्मीदवार घोषणा, कांग्रेस की रणनीति और चुनाव प्रचार की दिशा इस सीट के चुनावी समीकरण को और स्पष्ट करेगी। फिलहाल इतना तय है कि बांकीपुर उपचुनाव बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो चुका है।
