बांकीपुर में BJP ने बदला उम्मीदवार, जानिए कौन हैं नए कैंडिडेट नीरज कुमार सिन्हा

Bankipur BJP Candidate को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है। Bankipur BJP Candidate के रूप में पहले घोषित किए गए अभिषेक कुमार ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद बीजेपी ने बिना देरी किए नीरज कुमार सिन्हा को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नया उम्मीदवार घोषित कर दिया। पार्टी के इस फैसले के बाद अब बांकीपुर का चुनावी मुकाबला नए सियासी समीकरणों के साथ आगे बढ़ेगा। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने इस बदलाव को तत्काल प्रभाव से लागू किया है। राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में नीरज कुमार सिन्हा के नाम की घोषणा की गई।
अभिषेक कुमार के हटने के बाद बदला उम्मीदवार
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले बीजेपी ने पहले अभिषेक कुमार को उम्मीदवार बनाया था। हालांकि शुक्रवार को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई। उनके फैसले के बाद पार्टी ने संगठन के भीतर सक्रिय रहे नीरज कुमार सिन्हा पर भरोसा जताया। बीजेपी ने तुरंत नया उम्मीदवार घोषित कर यह संकेत दिया कि चुनावी तैयारियों में किसी तरह की देरी नहीं होने दी जाएगी।
कौन हैं बीजेपी के नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा?
नीरज कुमार सिन्हा पटना के मीठापुर बी एरिया के निवासी हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1994 को हुआ। उनके पिता स्वर्गीय ध्रुव कुमार और माता स्वर्गीय सरोज देवी थीं। उन्होंने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में अविवाहित हैं। कम उम्र में ही उन्होंने राजनीति और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी शुरू कर दी थी। यही वजह है कि आज उन्हें बीजेपी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
दो दशक पुराना है बीजेपी से जुड़ाव
नीरज कुमार सिन्हा का बीजेपी से जुड़ाव काफी पुराना माना जाता है। उन्होंने वर्ष 2006 में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी। संगठन में उनका सफर बूथ अध्यक्ष के रूप में शुरू हुआ। इसके बाद वे नरेंद्र भारती मंडल के मंडल महामंत्री बने। भारतीय जनता युवा मोर्चा में उन्होंने जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई। इसके अलावा वे दो बार मंडल अध्यक्ष चुने गए और वर्तमान में भी इसी पद पर कार्य कर रहे हैं। संगठन के भीतर लगातार सक्रिय रहने की वजह से उनकी पहचान जमीनी कार्यकर्ता के रूप में बनी।
संगठन में लंबे अनुभव का मिला इनाम
बीजेपी के भीतर नीरज कुमार सिन्हा को लंबे समय से सक्रिय और मेहनती कार्यकर्ता माना जाता है। पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों और चुनावी अभियानों में उनकी भागीदारी लगातार रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन में वर्षों तक किए गए काम और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें बांकीपुर जैसे महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र से मौका दिया है। इस फैसले को संगठन आधारित राजनीति को बढ़ावा देने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
परिवार की राजनीतिक विरासत भी रही मजबूत
नीरज कुमार सिन्हा के परिवार का भी जनसंघ और बीजेपी की विचारधारा से पुराना संबंध रहा है। उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र भारती जनसंघ के समय के सक्रिय कार्यकर्ता थे। उनके सम्मान में ही संबंधित मंडल का नाम 'नरेंद्र भारती मंडल' रखा गया। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि परिवार लंबे समय से संगठन की गतिविधियों से जुड़ा रहा है।
बांकीपुर उपचुनाव में क्या रहेगा आगे का मुकाबला?
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव बिहार की चर्चित सीटों में शामिल है। उम्मीदवार बदलने के बाद अब बीजेपी नए चेहरे के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। पार्टी की कोशिश होगी कि संगठन की मजबूती और स्थानीय कार्यकर्ताओं के नेटवर्क के दम पर चुनावी बढ़त बनाई जाए। दूसरी ओर विपक्ष भी इस बदलाव के बाद अपनी रणनीति को नए सिरे से तैयार करेगा। अब चुनाव प्रचार के दौरान सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नीरज कुमार सिन्हा अपने संगठनात्मक अनुभव को चुनावी समर्थन में कितना बदल पाते हैं। बांकीपुर की यह सीट आने वाले दिनों में बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक सीटों में से एक बनी रह सकती है।