वैभव सूर्यवंशी नहीं, यशस्वी जायसवाल हैं तीनों फॉर्मेट के खिलाड़ी; सहवाग ने किया बड़ा दावा


 भारतीय क्रिकेट में इन दिनों यशस्वी जायसवाल और युवा प्रतिभाओं को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसी बीच यशस्वी जायसवाल को लेकर पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का बड़ा बयान सामने आया है। सहवाग का मानना है कि राजस्थान रॉयल्स के स्टार ओपनर न सिर्फ भारत की वनडे टीम में जगह के हकदार हैं, बल्कि उन्हें तीनों फॉर्मेट में नियमित अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि रोहित शर्मा के बाद भारतीय टीम के लिए ओपनिंग की जिम्मेदारी संभालने के सबसे मजबूत दावेदार यशस्वी ही हैं। यशस्वी फिलहाल टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं, लेकिन वनडे और टी20 में उन्हें लगातार मौके नहीं मिल पाए हैं। इसके बावजूद उनके प्रदर्शन ने क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है।

सहवाग ने क्यों बताया रोहित शर्मा का उत्तराधिकारी?

भारत और अफगानिस्तान मैच के दौरान क्रिकबज पर बातचीत में वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि मौजूदा समय में वनडे टीम में जगह बनाना आसान नहीं है क्योंकि कप्तान शुभमन गिल और अनुभवी रोहित शर्मा ओपनिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सहवाग के अनुसार, जैसे ही रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट से विदा लेंगे, यशस्वी जायसवाल को नियमित तौर पर व्हाइट-बॉल क्रिकेट में देखने का मौका मिलेगा। उनका मानना है कि यशस्वी भविष्य में भारत के प्रमुख ओपनर बन सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि टीम प्रबंधन तीन ओपनरों के विकल्प रखता है, तो यशस्वी का नाम उस सूची में जरूर होना चाहिए।

वनडे में कम मौके, लेकिन प्रदर्शन दमदार

यशस्वी जायसवाल को वनडे क्रिकेट में अब तक सीमित अवसर मिले हैं। उन्होंने सिर्फ चार वनडे मुकाबले खेले हैं, लेकिन इन मैचों में 171 रन बनाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है। उनकी एक शतकीय पारी भी इस प्रदर्शन का हिस्सा रही है। यह आंकड़ा बताता है कि जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित करने की कोशिश की। सहवाग ने भी इस बात पर जोर दिया कि यशस्वी को खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर नहीं किया गया। उन्हें मौका सिर्फ तब मिला, जब नियमित ओपनर उपलब्ध नहीं थे।

टीम इंडिया में कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी चुनौती

भारतीय टीम में ओपनिंग स्लॉट के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है। टेस्ट क्रिकेट में यशस्वी केएल राहुल के साथ ओपनिंग करते हैं, लेकिन वनडे में रोहित शर्मा और शुभमन गिल की जोड़ी लंबे समय से स्थापित है। वहीं टी20 क्रिकेट में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने मजबूत दावेदारी पेश की है। ऐसे में यशस्वी को अक्सर बैकअप ओपनर के रूप में देखा जाता है। यही वजह है कि शानदार प्रतिभा होने के बावजूद उन्हें तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने का अवसर नहीं मिल पाया है।

रुतुराज गायकवाड़ भी हैं मजबूत दावेदार

सहवाग ने बातचीत के दौरान रुतुराज गायकवाड़ का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि भविष्य में वनडे ओपनिंग स्लॉट के लिए रुतुराज और यशस्वी के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। हालांकि, उनका मानना है कि यशस्वी की आक्रामक बल्लेबाजी और तीनों फॉर्मेट में खुद को ढालने की क्षमता उन्हें अलग बनाती है। क्रिकेट विशेषज्ञ भी मानते हैं कि युवा बल्लेबाजों के बीच प्रतिस्पर्धा भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत है।

ईशान किशन को भी नहीं भूले सहवाग

पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने ईशान किशन का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल किया। उन्होंने याद दिलाया कि ईशान वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ चुके हैं और उनके पास बड़े मैचों का अनुभव भी है। सहवाग के मुताबिक, ईशान किशन भी भारतीय टीम में वापसी की क्षमता रखते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह यशस्वी जायसवाल को तीनों फॉर्मेट में खेलते देखना चाहते हैं। उनका मानना है कि यशस्वी उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जो टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में सफल हो सकते हैं।

भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे हैं यशस्वी

पिछले कुछ वर्षों में यशस्वी जायसवाल ने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रभाव छोड़ा है। उनकी तकनीक, आक्रामकता और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता उन्हें विशेष बनाती है। यदि आने वाले वर्षों में उन्हें लगातार अवसर मिलते हैं, तो वह भारतीय बल्लेबाजी क्रम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, सहवाग का बयान इस बहस को और तेज कर रहा है कि क्या यशस्वी वास्तव में रोहित शर्मा के सबसे उपयुक्त उत्तराधिकारी हैं।

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