Shravani Mela 2026 को पहले से अधिक भव्य, आकर्षक और सुविधायुक्त बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार Shravani Mela 2026 में श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक वातावरण का अनूठा अनुभव मिलेगा। पर्यटन विभाग ने सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ धाम से झारखंड सीमा के दुम्मा तक पूरे कांवर पथ को शिवमय बनाने की योजना तैयार की है। 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलने वाले इस महीने भर के मेले में लाखों कांवरियों के आगमन को देखते हुए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
कांवर पथ पर दिखेगा शिवभक्ति का विशेष माहौल
इस बार सुल्तानगंज से दुम्मा तक का पूरा कांवर पथ आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया जाएगा। रास्ते में भव्य प्रवेश द्वार, विशेष लाइटिंग और शिव मंत्रों की गूंज श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का एहसास कराएगी। पर्यटन विभाग के अनुसार, पूरे मार्ग को धार्मिक थीम के अनुरूप विकसित किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान अलग अनुभव मिल सके। रात के समय रोशनी की विशेष व्यवस्था कांवर पथ की खूबसूरती को और बढ़ाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए बढ़ाई गई सुविधाएं
श्रावणी मेले में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार टेंट सिटी, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवा, शौचालय और स्नानागार जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। मेले के दौरान विभिन्न स्थानों पर बड़ी क्षमता वाली टेंट सिटी बनाई जाएंगी, जहां श्रद्धालु आराम कर सकेंगे। सभी टेंट सिटी में भोजन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
पहली बार धौरी और असरगंज में बनेगी टेंट सिटी
इस वर्ष कई नए स्थानों को भी टेंट सिटी योजना में शामिल किया गया है। सुल्तानगंज में 500 बेड की व्यवस्था होगी, जबकि अबरखा में 600 बेड उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा गोड़ियारी में 250 बेड, धौरी में पहली बार 200 बेड, खैरा और धोबई में 200-200 बेड की सुविधा मिलेगी। असरगंज में पहली बार 300 बेड, तारापुर में 200 बेड और संग्रामपुर में 200 बेड की टेंट सिटी बनाई जाएगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर विश्राम स्थल उपलब्ध कराना है।
जीविका दीदी की रसोई से मिलेगा भोजन
सभी टेंट सिटी में जीविका दीदी की रसोई संचालित की जाएगी। यहां श्रद्धालुओं को भोजन और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी। इस पहल से स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं व्यवस्थित भोजन सुविधा प्राप्त होगी।
ड्रोन शो, लेजर शो और फाउंटेन शो होंगे आकर्षण का केंद्र
श्रावणी मेला 2026 में धार्मिक आयोजन के साथ आधुनिक तकनीक का भी समावेश देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ड्रोन शो, लेजर शो, फाउंटेन शो और लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मेले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देना और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। शाम के समय आयोजित होने वाले ये शो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बन सकते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखेगी देशभर की झलक
मेले के उद्घाटन और समापन समारोह को भी विशेष बनाया जा रहा है। इन अवसरों पर राष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा प्रत्येक सोमवार को राज्य स्तरीय कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे, जबकि अन्य दिनों में जिला स्तर के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इससे मेले में आने वाले लोगों को धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक विविधता का भी अनुभव मिलेगा।
भागलपुर में बनेंगे 25 स्विस कॉटेज
पर्यटन विभाग ने भागलपुर में सोनपुर मेले की तर्ज पर 25 स्विस कॉटेज बनाने की योजना भी तैयार की है। इन कॉटेज का उपयोग विशेष अतिथियों और पर्यटकों के लिए किया जाएगा। इस पहल से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध होगी।
श्रावणी मेला 2026 की प्रमुख बातें
- 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा मेला
- सुल्तानगंज से दुम्मा तक शिवमय होगा कांवर पथ
- पहली बार धौरी और असरगंज में बनेगी टेंट सिटी
- सभी टेंट सिटी में होगी जीविका दीदी की रसोई
- ड्रोन, लेजर और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन
- भागलपुर में बनाए जाएंगे 25 स्विस कॉटेज
- स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली की बेहतर व्यवस्था
श्रावणी मेला 2026 को लेकर शुरू हुई तैयारियां संकेत देती हैं कि इस बार श्रद्धालुओं को पारंपरिक आस्था और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। प्रशासन और पर्यटन विभाग की योजना मेले को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
