पटना: RJD लठैत पार्टी बयान को लेकर बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। RJD लठैत पार्टी बयान देने वाले राजद विधायक कुमार सर्वजीत अब अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। एक पॉडकास्ट में की गई उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय जनता दल पर हमला बोला है, वहीं लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने भी सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में चुनावी माहौल धीरे-धीरे बनना शुरू हो चुका है और सभी दल संगठनात्मक मजबूती पर जोर दे रहे हैं।
क्या कहा था कुमार सर्वजीत ने?
बोधगया से लगातार तीन बार विधायक रहे कुमार सर्वजीत ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान पार्टी संगठन और उसके बदलाव को लेकर टिप्पणी की थी।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा सांसद संजय यादव ने एक ऐसी पार्टी को आधुनिक तकनीक और नई कार्यशैली से जोड़ने का काम किया, जिसकी पहले अलग पहचान रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में अनुशासन लाने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं ने वर्षों तक मेहनत की है।
सर्वजीत की इसी टिप्पणी के एक हिस्से को लेकर विवाद शुरू हुआ। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं ने प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी।
रोहिणी आचार्या ने जताई नाराजगी
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कुमार सर्वजीत की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा पार्टी की विचारधारा के अनुरूप नहीं है। रोहिणी ने सवाल उठाया कि जो नेता वर्षों से पार्टी में रहे, मंत्री रहे और पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ते रहे, उन्हें अब अचानक ऐसी बातें क्यों दिखाई देने लगीं।
अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह स्थिति "जिस थाली में खाना, उसी में छेद करना" जैसी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के भीतर और बाहर मौजूद कुछ लोग संगठन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।
संजय यादव को लेकर भी उठे सवाल
रोहिणी आचार्या ने अपनी प्रतिक्रिया में केवल कुमार सर्वजीत तक बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने राज्यसभा सांसद संजय यादव पर भी निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस नेतृत्व शैली की तारीफ की जा रही है, उसी के कारण पार्टी को कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाजी राजद के भीतर विभिन्न विचारों और रणनीतियों को लेकर चल रही बहस को भी सामने लाती है।
विपक्ष ने भी साधा निशाना
इस पूरे विवाद पर सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) ने कुमार सर्वजीत के बयान को गंभीर बताया।
पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा कि जब किसी दल का वरिष्ठ नेता ही पार्टी की पुरानी पहचान को लेकर ऐसी टिप्पणी करता है तो उस पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक विरोधी का बयान नहीं बल्कि पार्टी के भीतर से आई टिप्पणी है, इसलिए इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
बिहार की राजनीति में क्यों अहम है यह विवाद?
राजद बिहार की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में शामिल है और सामाजिक न्याय की राजनीति का बड़ा चेहरा मानी जाती है। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक बयान अक्सर राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाते हैं।
कुमार सर्वजीत वर्तमान में बिहार विधानसभा में राजद के मुख्य सचेतक हैं और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी टिप्पणी और उसके बाद सामने आई प्रतिक्रियाओं ने पार्टी के भीतर की बहस को सार्वजनिक कर दिया है।
हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या फिर संगठनात्मक स्तर पर भी इसका असर दिखाई देता है।
फिलहाल इतना तय है कि एक पॉडकास्ट में दिया गया बयान बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ चुका है और इसके राजनीतिक प्रभाव पर सभी की नजर बनी हुई है।
