
ऋषभ पंत को भारतीय टेस्ट टीम की उपकप्तानी से हटाए जाने के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि अब टीम प्रबंधन की ओर से इस मुद्दे पर पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने स्पष्ट किया कि ऋषभ पंत इस फैसले से बिल्कुल परेशान नहीं हैं और उनका पूरा ध्यान टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने पर है।
हाल ही में घोषित भारतीय टेस्ट टीम में केएल राहुल को नया उपकप्तान बनाया गया है। इसके बाद पंत की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि टीम के भीतर इस फैसले को लेकर कोई विवाद नहीं है।
उपकप्तानी हटने पर क्या बोले सहायक कोच?
रयान टेन डोशेट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ऋषभ पंत टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने बताया कि पंत का फोकस केवल अपनी बल्लेबाजी और टीम की सफलता पर है। कोच के मुताबिक, नेतृत्व की भूमिका बदलने से पंत के रवैये या प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है। वह पहले की तरह टीम के लिए योगदान देने को तैयार हैं और आगामी टेस्ट मुकाबले को लेकर पूरी तरह केंद्रित हैं।
दक्षिण अफ्रीका सीरीज के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में गुवाहाटी टेस्ट में ऋषभ पंत ने कप्तानी संभाली थी, लेकिन टीम को 408 रन की बड़ी हार का सामना करना पड़ा। उस हार के बाद कप्तानी और नेतृत्व को लेकर कई सवाल उठे थे। हालांकि चयनकर्ताओं ने नई टेस्ट टीम की घोषणा करते हुए केएल राहुल को उपकप्तान नियुक्त कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला टीम की भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, न कि किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन पर आधारित।
पंत की बल्लेबाजी शैली पर भरोसा बरकरार
पिछले कुछ महीनों में ऋषभ पंत के शॉट चयन को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने सवाल उठाए थे। कई बार आक्रामक बल्लेबाजी के कारण वह महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट गंवाते दिखाई दिए। लेकिन टीम प्रबंधन उनकी स्वाभाविक शैली में बदलाव के पक्ष में नहीं है। रयान टेन डोशेट ने कहा कि पंत एक मैच विनर खिलाड़ी हैं और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ही उन्हें खास बनाती है। जरूरत केवल इस बात की है कि वह मैच और परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल में संतुलन बनाए रखें। कोच का मानना है कि पंत को रक्षात्मक बल्लेबाज बनाने की कोशिश करना टीम के हित में नहीं होगा। उनकी सकारात्मक मानसिकता और आक्रमण करने की क्षमता भारतीय टीम की बड़ी ताकत है।
हालिया आंकड़े क्यों बढ़ा रहे भरोसा?
हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में ऋषभ पंत सिर्फ 49 रन ही बना सके थे, लेकिन उनके हालिया आंकड़े काफी मजबूत नजर आते हैं। साल 2025 में उन्होंने 13 टेस्ट पारियों में 629 रन बनाए हैं। पिछले वर्ष उनका बल्लेबाजी औसत 48.38 रहा था। इस दौरान उनके बल्ले से दो शतक और चार अर्धशतक भी निकले। सबसे खास प्रदर्शन एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लीड्स टेस्ट में देखने को मिला था, जहां उन्होंने दोनों पारियों में शतक लगाकर अपनी मैच विनिंग क्षमता का शानदार उदाहरण पेश किया था। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर टीम प्रबंधन का विश्वास उनके ऊपर कायम है।
अफगानिस्तान टेस्ट से पहले टीम को राहत
भारतीय टीम के लिए अफगानिस्तान टेस्ट से पहले एक अच्छी खबर भी सामने आई है। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पूरी तरह फिट बताए जा रहे हैं और चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। सिराज की वापसी से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलेगी। खासकर नई गेंद से उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से भारत मजबूत संयोजन के साथ मैदान पर उतरेगा।
एक युवा खिलाड़ी को मिलेगा टेस्ट डेब्यू का मौका
रयान टेन डोशेट ने यह भी पुष्टि की है कि युवा स्पिनर मानव सुथार और हर्ष दुबे में से किसी एक को अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट पदार्पण का अवसर मिलेगा। दोनों खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने सुखद चुनौती है। युवा खिलाड़ी के डेब्यू से टीम को अतिरिक्त विकल्प मिलने के साथ-साथ भविष्य के लिए नए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने का मौका भी मिलेगा।
आगे क्या?
अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला यह टेस्ट मैच कई खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। ऋषभ पंत पर भी सभी की नजरें रहेंगी कि वह बल्ले से किस तरह जवाब देते हैं। उपकप्तानी भले ही अब उनके पास न हो, लेकिन टीम प्रबंधन के बयान से स्पष्ट है कि भारतीय टीम में उनकी अहमियत पहले जैसी ही बनी हुई है।