प्रिंश यादव की मौत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, विधायक आईपी गुप्ता के पहुंचते ही हुआ विरोध


 सहरसा जिले के सौरबाजार थाना क्षेत्र के धमसेना गांव में प्रिंश यादव की मौत के बाद माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। प्रिंश यादव की मौत को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। देर रात ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद अपने पैतृक गांव पहुंचे, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पर जुट गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। मौके पर सहरसा के पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार स्वयं मौजूद रहे और हालात पर नजर बनाए रखी। गांव में शोक और गुस्से का मिला-जुला माहौल देखने को मिला।

विधायक आईपी गुप्ता के पहुंचने पर हुआ विरोध

देर रात सहरसा सदर विधायक आईपी गुप्ता जब रौशन आनंद के घर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। लोगों का आरोप था कि यदि जनप्रतिनिधि समय रहते मामले को गंभीरता से लेते और रौशन आनंद की आवाज उठाते, तो शायद आज यह स्थिति नहीं बनती। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि घटना के बाद केवल संवेदना व्यक्त करने या श्रद्धांजलि देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। कुछ लोगों ने विधायक पर केवल औपचारिकता निभाने के लिए आने का आरोप भी लगाया।

दिन में डॉ. गौतम कृष्ण का भी हुआ विरोध

ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले दिन में पहुंचे विधायक डॉ. गौतम कृष्ण का भी विरोध किया गया था। लोगों का कहना था कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मामले को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते उचित पहल नहीं होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती गई। इसी वजह से गांव में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

भाई का अंतिम दर्शन कर भावुक हुए रौशन आनंद

देर रात गांव पहुंचे रौशन आनंद ने अपने छोटे भाई प्रिंश यादव का अंतिम दर्शन किया। इस दौरान परिवार और रिश्तेदारों के बीच भावुक माहौल देखने को मिला। परिजन गहरे सदमे में हैं और गांव के लोग लगातार उनके घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि घटना ने पूरे इलाके को प्रभावित किया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर उठ रहे सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों के बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौत की परिस्थितियों का पूरी तरह खुलासा किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। गांव में चर्चा का सबसे बड़ा विषय फिलहाल जांच प्रक्रिया और रिपोर्ट की विश्वसनीयता बनी हुई है।

प्रशासन अलर्ट मोड में, हालात पर नजर

गांव में लगातार लोगों की भीड़ जुट रही है। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरी सतर्कता बरत रहा है। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी और लगातार निगरानी के बीच प्रशासन का प्रयास है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे। स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।

सहरसा बंद की चेतावनी से बढ़ी चिंता

घटना को लेकर आक्रोशित लोगों ने सहरसा शहर बंद करने की चेतावनी दी है। इस घोषणा के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की जा रही है। आने वाले दिनों में मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी। इस बीच, धमसेना गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण लगातार निष्पक्ष जांच और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।

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