PM Modi G7 Summit में भारत की वैश्विक भूमिका एक बार फिर चर्चा के केंद्र में रही। PM Modi G7 Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के कई प्रमुख देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों में व्यापार, निवेश, तकनीक, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। फ्रांस के एवियन में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में भारत ने विभिन्न देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आपसी विश्वास, साझा विकास और दीर्घकालिक सहयोग के आधार पर अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है कि G7 समिट के दौरान उनकी कई महत्वपूर्ण बैठकें वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनीं।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से चौथी मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच एक वर्ष से भी कम समय में यह चौथी बैठक रही।
बैठक के दौरान भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई। साथ ही पिछली मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच हुए विकास और सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही उच्चस्तरीय बैठकों से दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं।
यूएई के साथ रणनीतिक साझेदारी को मिली नई गति
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से भी मुलाकात की।
इस दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए वहां की सरकार द्वारा किए जा रहे सहयोग की भी सराहना की।
भारत और यूएई के बीच पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक और रणनीतिक संबंधों में लगातार मजबूती देखने को मिली है।
ब्रिटेन के साथ आर्थिक सहयोग पर फोकस
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer के साथ हुई बैठक में दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक सहयोग के नए अवसर खुले हैं। दोनों नेताओं ने निवेश, व्यापार और रोजगार के नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार साझा किए।
यह बैठक भारत-ब्रिटेन संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जापान के साथ निवेश और टेक्नोलॉजी पर जोर
जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi के साथ हुई बातचीत में दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को नई गति देने पर सहमति जताई।
बैठक के दौरान अत्याधुनिक तकनीक, नवाचार और भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। भारत और जापान ने अपने विशेष रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों देशों के बीच बुलेट ट्रेन, इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहयोग पहले से ही मजबूत आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।
मिस्र के साथ ऐतिहासिक रिश्तों पर चर्चा
मिस्र के राष्ट्रपति Abdel Fattah el-Sisi के साथ बैठक में दोनों देशों की पुरानी मित्रता और साझेदारी पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत मिस्र के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को बेहद महत्व देता है। दोनों नेताओं ने भविष्य में व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी विचार किया।
भारत और मिस्र लंबे समय से विकास और रणनीतिक मुद्दों पर साथ काम करते रहे हैं।
केन्या के साथ ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती
केन्या के राष्ट्रपति William Ruto के साथ बैठक में ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
दोनों नेताओं ने विकासशील देशों की साझा चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की। साथ ही लोगों के कल्याण, सतत विकास और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और केन्या के बीच कृषि, शिक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में पहले से सहयोग जारी है।
दक्षिण कोरिया के साथ फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर बातचीत
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung के साथ हुई बैठक में भविष्य की तकनीकों और आर्थिक सहयोग पर विशेष फोकस रहा।
दोनों नेताओं ने व्यापार, उद्योग, डिजिटल नवाचार और आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं और यह सहयोग आने वाले वर्षों में और मजबूत होगा।
G7 समिट में भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव
G7 समिट के दौरान हुई इन बैठकों ने यह संकेत दिया कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है। दुनिया के प्रमुख देशों के साथ संवाद बढ़ाकर भारत व्यापार, निवेश, तकनीक और रणनीतिक सहयोग के नए अवसर तलाश रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी उच्चस्तरीय कूटनीतिक बैठकों से भारत की वैश्विक भागीदारी मजबूत होती है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी स्थिति और प्रभाव बढ़ता है।
