बिहार की राजधानी पटना के प्रतिभाशाली छात्र आशीष राजवंश ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिस पर पूरा राज्य गर्व कर रहा है। आशीष राजवंश का चयन चीन के शंघाई में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता 2026 के लिए हुआ है। वह एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस जैसे चुनौतीपूर्ण तकनीकी क्षेत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी इस सफलता ने न केवल राजकीय पॉलिटेक्निक गुलजारबाग, पटना का नाम रोशन किया है, बल्कि बिहार के युवाओं के लिए भी एक नई प्रेरणा पेश की है।
22 सितंबर 2026 को शंघाई में आयोजित होने वाली इस वैश्विक प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों के प्रतिभागी अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। ऐसे मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना किसी भी छात्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र हैं आशीष
आशीष राजवंश राजकीय पॉलिटेक्निक गुलजारबाग, पटना के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छठे सेमेस्टर के छात्र हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और तकनीकी समझ के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
कॉलेज के शिक्षकों के अनुसार आशीष शुरू से ही तकनीकी विषयों में गहरी रुचि रखते रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने व्यावहारिक कौशल पर भी विशेष ध्यान दिया, जिसका परिणाम आज पूरी दुनिया के सामने दिखाई दे रहा है।
उनकी उपलब्धि यह भी साबित करती है कि यदि सही दिशा और निरंतर प्रयास मिले तो सरकारी तकनीकी संस्थानों के छात्र भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जीते पदक
वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। आशीष ने पहले राज्य स्तर और फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा साबित की।
ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया।
इन प्रतियोगिताओं में सफलता मिलने के बाद विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों का ध्यान उनकी ओर गया। लगातार बेहतर प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर दिलाया।
जीएमआर एयरो स्कूल में मिली विशेष ट्रेनिंग
राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के बाद आशीष का चयन जीएमआर एयरो स्कूल ऑफ एविएशन में एडवांस्ड ट्रेनिंग और मूल्यांकन के लिए किया गया।
यह प्रशिक्षण विमान रखरखाव और विमानन तकनीक से जुड़ी अत्याधुनिक प्रक्रियाओं पर आधारित था। यहां उन्होंने तकनीकी कौशल, समस्या समाधान क्षमता और प्रैक्टिकल नॉलेज का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
विशेषज्ञों ने उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें वर्ल्ड स्किल्स शंघाई 2026 के लिए भारत की ओर से उपयुक्त उम्मीदवार माना। इसके बाद उनका चयन आधिकारिक रूप से तय हो गया।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में दिखाएंगे हुनर
वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में आशीष एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस श्रेणी में हिस्सा लेंगे। यह क्षेत्र अत्यंत तकनीकी और चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को विमान के विभिन्न तकनीकी पहलुओं, रखरखाव प्रक्रियाओं, सुरक्षा मानकों और जटिल समस्याओं के समाधान की क्षमता प्रदर्शित करनी होती है।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में सफलता केवल सैद्धांतिक ज्ञान से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए व्यावहारिक कौशल, सटीकता और तेज निर्णय क्षमता की भी आवश्यकता होती है।
बिहार के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
आशीष राजवंश की उपलब्धि बिहार के हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। ऐसे समय में जब युवा रोजगार और करियर के नए अवसर तलाश रहे हैं, उनकी सफलता तकनीकी शिक्षा के महत्व को भी उजागर करती है।
कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई है। संस्थान को उम्मीद है कि आशीष अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी शानदार प्रदर्शन करेंगे और देश के लिए पदक जीतकर लौटेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवा अपने कौशल को निखारने पर ध्यान दें तो वैश्विक स्तर पर उनके लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है। आशीष की कहानी इसी बात का जीवंत उदाहरण है।
क्या है वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता?
वर्ल्ड स्किल्स दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित स्किल प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है। इसमें विभिन्न देशों के युवा तकनीकी और व्यावसायिक कौशल का प्रदर्शन करते हैं।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को वैश्विक मंच प्रदान करना और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसमें चयनित होना ही अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
अब पूरे बिहार की नजर सितंबर में होने वाली इस प्रतियोगिता पर टिकी है। लोगों को उम्मीद है कि आशीष राजवंश चीन की धरती पर भारत का नाम और ऊंचा करेंगे।
