Patna Metro Update को लेकर राजधानी के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Patna Metro Update के तहत मोइन-उल-हक स्टेडियम और राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच बन रही 681 मीटर लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस उपलब्धि को पटना मेट्रो परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि सुरंग निर्माण पूरा होने से अब परियोजना के अन्य कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यह सुरंग पटना मेट्रो के कॉरिडोर-2 का हिस्सा है और इसका निर्माण टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम)-04 की सहायता से किया गया है। परियोजना की प्रगति से राजधानी में आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
681 मीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल बनकर तैयार
पटना मेट्रो रेल परियोजना के तहत मोइन-उल-हक स्टेडियम और राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच डाउन लाइन की भूमिगत सुरंग का निर्माण पूरा हो गया है।
इस सुरंग की कुल लंबाई 681 मीटर बताई गई है। टनल बोरिंग मशीन (TBM)-04 के माध्यम से इस कार्य को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा किया गया।
मेट्रो परियोजनाओं में भूमिगत सुरंग निर्माण को सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण चरणों में गिना जाता है। ऐसे में इस उपलब्धि को परियोजना की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पटना मेट्रो के एमडी ने दी आधिकारिक जानकारी
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर. पुडकालकट्टी ने सुरंग निर्माण पूरा होने की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि यह कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया गया है। इससे शेष सुरंगों और अन्य निर्माण कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।
एमडी ने निर्माण एजेंसियों और परियोजना से जुड़े अधिकारियों को बाकी कार्य भी तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।
यात्रियों को मिलेगी तेज और आधुनिक परिवहन सुविधा
पटना मेट्रो को बिहार की सबसे महत्वपूर्ण शहरी परिवहन परियोजनाओं में शामिल किया जाता है।
अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी के लाखों लोगों को सुरक्षित, तेज और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा सुविधा मिलेगी। इससे सड़क यातायात पर दबाव कम होने और यात्रा समय घटने की भी उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो सेवा शुरू होने से पटना के शहरी विकास को नई दिशा मिल सकती है।
कॉरिडोर-2 में कहां-कहां चल रहा है निर्माण कार्य?
मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक कॉरिडोर-2 के विभिन्न हिस्सों में भूमिगत सुरंग निर्माण तेजी से जारी है।
पटना विश्वविद्यालय से पीएमसीएच होते हुए गांधी मैदान तक टनल निर्माण का काम चल रहा है। वहीं गांधी मैदान से आकाशवाणी और पटना जंक्शन तक भी अंडरग्राउंड सुरंग बनाने का कार्य प्रगति पर है।
इन हिस्सों में काम पूरा होने के बाद राजधानी के कई प्रमुख क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
पहले भी पूरे हो चुके हैं कई महत्वपूर्ण टनल सेक्शन
पटना मेट्रो परियोजना के तहत इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण चरण पूरे किए जा चुके हैं।
मोइन-उल-हक स्टेडियम से पटना विश्वविद्यालय तक अप और डाउन दोनों लाइन की सुरंगें पहले ही तैयार की जा चुकी हैं। अब राजेंद्र नगर टर्मिनल तक डाउन लाइन टनल के पूरा होने से परियोजना को और मजबूती मिली है।
इसके अलावा मलाही पकड़ी स्टेशन के आगे राजेंद्र नगर टर्मिनल तक लगभग 750 मीटर लंबा रैंप भी बनाया जाना है, जिस पर कार्य जारी है।
पटना के विकास में क्यों महत्वपूर्ण है मेट्रो परियोजना?
तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात दबाव के बीच पटना मेट्रो को भविष्य की जरूरत माना जा रहा है।
मेट्रो नेटवर्क विकसित होने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को कम समय में अधिक दूरी तय करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही प्रदूषण और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
शहरी योजनाकारों का मानना है कि मेट्रो जैसी आधुनिक परियोजनाएं किसी भी शहर की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आगे क्या है अगला लक्ष्य?
सुरंग निर्माण का यह चरण पूरा होने के बाद अब परियोजना का फोकस बाकी भूमिगत हिस्सों, रैंप निर्माण और स्टेशन विकास कार्यों पर रहेगा।
यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य आगे बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में पटना के लोगों को आधुनिक मेट्रो सेवा का लाभ मिलने लगेगा। फिलहाल परियोजना की प्रगति राजधानीवासियों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
