पटना में चल रही Khan Sir Controversy अब सिर्फ कानूनी मामला नहीं रह गई है, बल्कि इसने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। Khan Sir Controversy को लेकर अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने खान सर को लेकर एक बार फिर तीखी टिप्पणी की है। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह “खान-वान का समर्थन नहीं करते हैं।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने खान सर के पक्ष में खुलकर बात की थी।
खान सर के कोचिंग सेंटर से जुड़े विवाद, फायरिंग के आरोप और अदालत से मिली राहत के बीच यह बयान बिहार की राजनीतिक और शैक्षणिक चर्चा का नया विषय बन गया है।
खेसारी लाल के समर्थन पर तेज प्रताप का दो टूक जवाब
हाल ही में राजद नेता और भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने खान सर की तारीफ करते हुए कहा था कि वह हजारों छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं और समाज के लिए सकारात्मक काम कर रहे हैं।
खेसारी ने यह भी कहा था कि किसी व्यक्ति को इतने लोगों का भरोसा यूं ही नहीं मिलता। उनके अनुसार खान सर ने अपने काम और प्रतिभा से छात्रों के बीच पहचान बनाई है।
जब पत्रकारों ने खेसारी के इस बयान को लेकर तेज प्रताप यादव से सवाल पूछा तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि वह खान सर का समर्थन नहीं करते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई।
पहले भी खान सर पर साध चुके हैं निशाना
यह पहली बार नहीं है जब तेज प्रताप यादव ने खान सर को लेकर प्रतिक्रिया दी हो। इससे पहले भी उन्होंने खान सर पर राजनीति करने का आरोप लगाया था।
तेज प्रताप का कहना था कि एक शिक्षक का मुख्य काम छात्रों को पढ़ाना होता है, लेकिन खान सर अब पढ़ाई से ज्यादा लोकप्रियता और प्रचार पर ध्यान दे रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि खान सर मीडिया में बने रहने की कोशिश करते हैं। हालांकि इन आरोपों पर खान सर की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आखिर क्यों चर्चा में हैं खान सर?
दरअसल, विवाद की शुरुआत जून महीने की शुरुआत में हुई घटना से जुड़ी है। 2 जून की रात पटना स्थित खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट में कुछ लोगों के घुसने और हंगामा करने का मामला सामने आया था।
आरोप है कि 10 से 15 लोगों के समूह ने संस्थान के एक सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की और परिसर में तोड़फोड़ की। घटना के बाद खान सर ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे पास के एक कोचिंग संस्थान से जुड़े लोग हो सकते हैं।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के संचालक रौशन आनंद सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें
घटना के कुछ दिनों बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कथित तौर पर कोचिंग संस्थान के सुरक्षाकर्मी फायरिंग करते दिखाई दिए।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। इसके बाद संस्थान के दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों गार्डों के बयान चर्चा का विषय बने।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा गार्डों ने दावा किया कि उन्होंने घटना वाले दिन खान सर के निर्देश पर गोली चलाई थी। हालांकि इस दावे की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
खान सर पर दर्ज हुआ मामला
गार्डों के बयान और जांच के आधार पर पुलिस ने खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।
मामला दर्ज होने के बाद खान सर की गिरफ्तारी को लेकर अटकलें तेज हो गईं। इस बीच उनके वकीलों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की।
अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद खान सर को 20 जून तक राहत प्रदान की है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगी हुई है और मामले की अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है।
आगे क्या होगा?
पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।
दूसरी ओर, खान सर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। एक तरफ उनके समर्थन में आवाजें उठ रही हैं तो दूसरी तरफ आलोचना भी हो रही है।
ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और पुलिस जांच इस मामले की दिशा तय कर सकती है। फिलहाल यह विवाद बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और सोशल मीडिया तीनों जगह चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
