खगड़िया के धोबिया खड़ा पोखर पर प्रशासन सख्त, 12 जून तक मांगी जांच रिपोर्ट


 

खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र के संसारपुर वार्ड संख्या-38 स्थित धोबिया खड़ा पोखर से जुड़े अतिक्रमण मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। धोबिया खड़ा पोखर और सार्वजनिक सड़क पर कथित अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को 12 जून 2026 से पहले जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई भी 12 जून को निर्धारित की गई है।

अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विवेक सुगंध ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर तथ्यात्मक और निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत

इस मामले में शिकायतकर्ता दीपक कुमार ने प्रशासन के समक्ष आरोप लगाया है कि लगभग 4 से 5 बीघा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे वर्षों पुराना धोबिया खड़ा पोखर धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खोता जा रहा है।

शिकायतकर्ता के अनुसार यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र का यह महत्वपूर्ण जलस्रोत पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से पोखर और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।

अधिकारियों को स्थल निरीक्षण का निर्देश

सुनवाई के दौरान लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा गया कि जांच पूरी तरह रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति के आधार पर की जाए।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी अभिलेखों और जमीनी स्थिति के बीच किसी प्रकार का अंतर हो तो उसे स्पष्ट रूप से रिपोर्ट में शामिल किया जाए। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

पोखर का मूल स्वरूप बहाल करने की तैयारी

प्रशासन ने साफ किया है कि यदि सरकारी रिकॉर्ड में संबंधित भूमि पोखर के रूप में दर्ज पाई जाती है, तो उसका मूल स्वरूप बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इसके साथ ही अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि और जलस्रोतों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है।

जल संरक्षण से जुड़ा है मामला

स्थानीय लोगों का मानना है कि धोबिया खड़ा पोखर केवल एक जलाशय नहीं बल्कि क्षेत्र के जल संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है। अतिक्रमण हटने से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और आसपास के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार पुराने पोखर और तालाब भूजल स्तर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सरकारी जलस्रोतों की सुरक्षा पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

12 जून की सुनवाई पर टिकी लोगों की नजर

प्रशासन द्वारा जांच रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद वार्ड संख्या-38 सहित आसपास के इलाकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय से स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा उठता रहा है, लेकिन अब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू होने से लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद यदि सरकारी भूमि और सार्वजनिक सड़क पर अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

अब सभी की निगाहें 12 जून 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। उस दिन प्रस्तुत होने वाली जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई का फैसला करेगा।

क्या है पूरा मामला?

  • स्थान: संसारपुर वार्ड संख्या-38, खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र
  • विवाद: सरकारी पोखर और सार्वजनिक सड़क पर कथित अतिक्रमण
  • शिकायतकर्ता: दीपक कुमार
  • आरोप: 4 से 5 बीघा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास
  • प्रशासनिक निर्देश: 12 जून 2026 से पहले जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें
  • अगली सुनवाई: 12 जून 2026
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