
गया: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को गया में 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अगर बिहार को विकसित और समृद्ध राज्य बनाना है तो सभी को अधिक मेहनत करनी होगी। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य कई वर्षों का विकासात्मक अंतर झेल चुका है और अब उसे तेजी से पूरा करने का समय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन, उद्योग और कानून व्यवस्था तीनों क्षेत्रों में एक साथ सुधार जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने की अपील की।
गया में 170 करोड़ के टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास
गया में प्रस्तावित टेक्नोलॉजी सेंटर को राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों का विस्तार ही रोजगार और आर्थिक प्रगति का आधार बनता है। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार में औद्योगिक गतिविधियां नहीं बढ़ेंगी, तब तक व्यापक बदलाव संभव नहीं होगा। सरकार का लक्ष्य निवेश को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है ताकि उद्योगों को बेहतर माहौल मिल सके।
अपराध और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
सम्राट चौधरी ने कानून व्यवस्था को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है और सरकार इस मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी बड़ी घटना के बाद 48 घंटे के भीतर कार्रवाई का प्रभाव दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि यदि उन्हें किसी अपराधी गतिविधि की जानकारी मिले तो प्रशासन को सूचित करें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
उद्योग और प्रशासनिक सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की भी आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के विकास के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। उनके अनुसार बिहार को अन्य विकसित राज्यों की बराबरी तक पहुंचाने के लिए तेज गति से काम करना जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार विकास की गति को और तेज करना चाहती है।
हर प्रखंड में बनेंगे मॉडल स्कूल
शिक्षा क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने एक महत्वाकांक्षी योजना की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल विकसित किए जाएंगे। इन स्कूलों में ऐसी शैक्षणिक व्यवस्था तैयार करने का लक्ष्य है जहां छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और उन्हें अतिरिक्त कोचिंग या ट्यूशन की जरूरत न पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि सरकारी विद्यालयों का स्तर इतना बेहतर हो कि हर वर्ग के लोग अपने बच्चों को वहां पढ़ाने के लिए प्रेरित हों।
ट्रिपल सी के खिलाफ सरकार का अभियान
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में "ट्रिपल सी" यानी क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार इन तीनों चुनौतियों के खिलाफ लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार विकास तभी संभव है जब कानून व्यवस्था मजबूत हो, प्रशासन पारदर्शी हो और समाज में सौहार्द का वातावरण बना रहे। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार राज्य को नई दिशा देने के लिए पूरी क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बिहार के विकास का रोडमैप
गया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का पूरा फोकस बिहार के दीर्घकालिक विकास पर दिखाई दिया। उन्होंने उद्योग, शिक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार को राज्य के भविष्य की चार प्रमुख आधारशिला बताया। सरकार का मानना है कि यदि इन क्षेत्रों में लगातार सुधार जारी रहा तो आने वाले वर्षों में बिहार आर्थिक और सामाजिक विकास के नए मानक स्थापित कर सकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनता दोनों से इस परिवर्तन यात्रा में सक्रिय भागीदारी की अपील की।