Bihar Weather Today को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बीच Bihar Weather Today के ताजा अपडेट में मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदलने के संकेत दिए हैं। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने से हीट वेव का असर कमजोर पड़ा है। कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ी है, जबकि सात जिलों के लिए भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। अगले दो दिनों में मौसम और अधिक सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
शुक्रवार को राज्य के 23 शहरों में अधिकतम तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को तेज गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि वातावरण में नमी बढ़ने के कारण कई इलाकों में उमस अब भी बनी हुई है।
किन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट?
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को किशनगंज और पूर्णिया में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं अररिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और सुपौल में मेघ-गर्जन के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
इसके अलावा दक्षिण मध्य बिहार के एक-दो जिलों में भी तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
28 और 29 जून को तेज होगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि 28 और 29 जून को बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। वर्तमान में मानसून ट्रफ मोतिहारी से होकर गुजर रहा है, जिससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का प्रभाव अलग-अलग दिखाई दे रहा है।
उत्तर बिहार में पुरवा हवा सक्रिय है, जबकि दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में पछुआ हवा का असर बना हुआ है। राजधानी पटना में दोनों हवाओं के मिलने से वातावरण में नमी बढ़ रही है। धूप और नमी के कारण दोपहर बाद गरज-चमक वाले बादल बन रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना बढ़ गई है।
मुजफ्फरपुर में अभी करना होगा मानसूनी बारिश का इंतजार
राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना बनने के बावजूद मुजफ्फरपुर में अभी अच्छी मानसूनी बारिश के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक जिले में व्यापक बारिश की संभावना काफी कम है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर पड़ने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की या खंड वर्षा हो सकती है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 जून तक बारिश की संभावना केवल 20 से 25 प्रतिशत के बीच रहेगी। यदि बारिश होती भी है तो उसका दायरा सीमित रह सकता है।
दो जुलाई के बाद मजबूत हो सकता है मानसून
पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. ए. सत्तार के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाला मानसूनी ट्रफ फिलहाल कमजोर हो गया है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून भी पूर्वी उत्तर प्रदेश पहुंचने के बाद कमजोर पड़ा है, जिसका असर बिहार के मौसम पर दिखाई दे रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दो जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियां फिर से मजबूत हो सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो बिहार के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना बढ़ जाएगी।
इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से पुरवा हवा चल सकती है। इसलिए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
तापमान में गिरावट, लेकिन उमस से नहीं मिली पूरी राहत
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य का अधिकतम तापमान घटकर 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री नीचे रहा।
औसत आर्द्रता लगभग 70 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि पूर्वी हवा करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। तापमान में कमी आने के बावजूद नमी अधिक होने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। यदि गरज-चमक शुरू हो जाए तो सुरक्षित भवन में शरण लें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
किसानों और यात्रियों को भी मौसम का ताजा अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि अगले कुछ दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है।
