बिहार विधान परिषद चुनाव में दाखिल किए गए शपथपत्रों ने उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति की दिलचस्प तस्वीर सामने रखी है। बिहार एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशियों ने अपनी चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा दिया है। बिहार एमएलसी चुनाव के इन शपथपत्रों में करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी गाड़ियां, आभूषण, बैंक बैलेंस और देनदारियों तक की जानकारी शामिल है। सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा प्रत्याशी और भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह की संपत्ति को लेकर हो रही है, जबकि अन्य उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति भी लोगों का ध्यान खींच रही है।
चुनावी शपथपत्र मतदाताओं को उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि जानने का अवसर देते हैं। यही वजह है कि हर चुनाव में उम्मीदवारों की संपत्ति और देनदारियों की जानकारी चर्चा का विषय बनती है।
पवन सिंह के पास 20 करोड़ के करीब संपत्ति
पवन सिंह ने अपने शपथपत्र में करीब 20 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति का विवरण दिया है।
हालांकि उनके पास नकद राशि केवल 50 हजार रुपये बताई गई है। शपथपत्र के अनुसार उनके पास लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और करीब 28 हजार रुपये मूल्य की चांदी है।
उनकी अचल संपत्तियों में आरा स्थित जमीन, गैर-कृषि भूमि, व्यावसायिक संपत्ति और आवासीय भवन शामिल हैं। इसके अलावा फॉर्च्यूनर, टोयोटा लैंड क्रूजर, थार, स्कॉर्पियो और अन्य वाहन भी उनके नाम पर दर्ज हैं। उन पर करीब 2.34 करोड़ रुपये की देनदारी भी है।
संजय मयूख के पास कितनी संपत्ति?
डॉ. संजय प्रकाश मयूख ने अपने शपथपत्र में लगभग 1.76 करोड़ रुपये की चल संपत्ति घोषित की है।
उनके पास एक टाटा सफारी वाहन, 100 ग्राम सोना, 500 ग्राम चांदी और कीमती पत्थर हैं। उनके नाम पर कोई अचल संपत्ति दर्ज नहीं है।
शपथपत्र में उनके खिलाफ एक लंबित मामला भी दर्ज है, जो बिना अनुमति जुलूस निकालने और रास्ता अवरुद्ध करने से जुड़ा बताया गया है।
अनिल ठाकुर और भारती मेहता की आर्थिक स्थिति
पूर्णिया निवासी अनिल ठाकुर ने अपनी वार्षिक आय लगभग 6.95 लाख रुपये बताई है। उनके पास 60 हजार रुपये नकद और बैंक खाते में करीब 1.63 लाख रुपये जमा हैं।
उन्होंने इनफील्ड मोटरसाइकिल और मारुति डिजायर कार का विवरण दिया है। इसके अलावा 100 ग्राम सोना, 600 ग्राम चांदी और कृषि योग्य भूमि भी उनके नाम पर है।
वहीं भारती मेहता के पास केवल 19 हजार रुपये नकद हैं, लेकिन उनकी कुल संपत्ति कहीं अधिक है। उनके पास 52 लाख रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट, कृषि और आवासीय भूमि, 620 ग्राम सोना, 750 ग्राम चांदी तथा डिजिटल गोल्ड मौजूद है।
इसके अलावा उनके पास हीरा, नीलम और पुखराज जैसे बहुमूल्य रत्न भी हैं।
ललन प्रसाद की संपत्ति का ब्यौरा
ललन प्रसाद के शपथपत्र के अनुसार उनके पास केवल एक बाइक है, जिसे उन्होंने वर्ष 2007 में खरीदा था।
उनकी कुल चल संपत्ति करीब 5.60 लाख रुपये है, जबकि 14.90 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्ति विरासत में मिली कृषि भूमि के रूप में दर्ज है।
उनके पास सोने की अंगूठी सहित लगभग एक लाख रुपये के आभूषण भी हैं।
निशांत के पास 4.63 करोड़ की संपत्ति
निशांत कुमार ने अपने शपथपत्र में लगभग 4.63 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की है।
इसमें करीब 1.96 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 2.67 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। उनके पास हुंडई और किया ब्रांड की कारें भी हैं।
अचल संपत्तियों में पटना और नालंदा जिले के कल्याणबीघा क्षेत्र की जमीन तथा फ्लैट शामिल हैं। इनमें कुछ संपत्ति स्वयं अर्जित और कुछ विरासत में प्राप्त बताई गई है।
सुनील कुमार सिंह की संपत्ति और लंबित मामले
राजद प्रत्याशी डॉ. सुनील कुमार सिंह ने अपने शपथपत्र में 6.46 करोड़ रुपये की चल और 4.41 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है।
उनके पास दो वाहन, बड़ी मात्रा में आभूषण और लाइसेंसी हथियार भी हैं। शपथपत्र के अनुसार उनके पास एक डीबीबीएल गन और एक रिवॉल्वर है।
उन्होंने 51.39 लाख रुपये के बकाया ऋण की जानकारी भी दी है। इसके अलावा उनके खिलाफ आठ आपराधिक मामले लंबित होने की बात शपथपत्र में दर्ज है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभी किसी मामले में आरोप तय नहीं हुए हैं।
चुनावी शपथपत्र क्यों हैं महत्वपूर्ण?
चुनावी शपथपत्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं। इनके माध्यम से मतदाता उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति, शिक्षा, देनदारियों और लंबित मामलों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पारदर्शिता से मतदाताओं को उम्मीदवारों का मूल्यांकन करने में मदद मिलती है। यही वजह है कि हर चुनाव में शपथपत्रों का विश्लेषण राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन जाता है।
बिहार विधान परिषद चुनाव के इस दौर में भी उम्मीदवारों की संपत्ति से जुड़े आंकड़े जनता और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
