भरत तिवारी के परिजनों से मिली सारण RJD टीम, निष्पक्ष जांच और हरसंभव न्याय का दिया भरोसा

Bharat Tiwari Encounter मामले ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। Bharat Tiwari Encounter को लेकर शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एक प्रतिनिधिमंडल भोजपुर जिले के बिलौटी गांव पहुंचा और पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार के सदस्यों से घटना की पूरी जानकारी ली, शोक संवेदना व्यक्त की और निष्पक्ष जांच के साथ न्याय दिलाने का भरोसा दिया। यह दौरा सारण लोकसभा की पूर्व प्रत्याशी रोहिणी आचार्य के निर्देश पर किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने भरत भूषण तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद परिवार के सदस्यों से विस्तार से बातचीत की और उनकी ओर से लगाए गए आरोपों को गंभीरता से सुना। नेताओं ने कहा कि मामले में पारदर्शी जांच सुनिश्चित कराने के लिए पार्टी हर स्तर पर अपनी बात रखेगी।
राजद प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों से जाना पूरा घटनाक्रम
राजद नेताओं ने परिजनों से मुलाकात के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी ली। परिवार का कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। प्रतिनिधिमंडल ने भरोसा दिलाया कि यदि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग देने की बात भी कही गई।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे ये नेता
राजद के शिष्टमंडल में जिला प्रवक्ता हरेलाल यादव, व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष सीए अमित गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता सचिन यादव, लालू कुमार और सोनपुर के विक्की कुमार शामिल रहे। सभी नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
हरेलाल यादव ने लगाए गंभीर आरोप
जिला राजद प्रवक्ता हरेलाल यादव ने इस घटना को कथित फर्जी मुठभेड़ बताते हुए कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित जवईनिया गांव के विस्थापितों के पुनर्वास के लिए सरकार द्वारा आवंटित राशि के उपयोग को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उनका कहना था कि इन मामलों की भी पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि जनता के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन या सरकार की ओर से इस समाचार के प्रकाशित होने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रोहिणी आचार्य के हवाले से न्याय का भरोसा
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि रोहिणी आचार्य की ओर से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की कोताही बरती गई या मानवाधिकारों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए पार्टी संघर्ष करेगी। राजद नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल मामले की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखा जाना चाहिए।
आगे क्या हो सकता है?
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है। यदि जांच एजेंसियां इस मामले में कोई नया तथ्य सामने लाती हैं तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम है, जबकि राजद ने भी मामले को गंभीर बताते हुए न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज बुलंद रखने की बात कही है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें रहेंगी।