
असम की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है। Assam Cabinet Expansion 2026 के तहत मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने की घोषणा की है। Assam Cabinet Expansion 2026 को लेकर राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इस बार कई नए चेहरों को भी कैबिनेट में जगह दी गई है। शपथ ग्रहण समारोह 5 जून 2026 को दोपहर 12:45 बजे आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से नई मंत्रिपरिषद की सूची साझा करते हुए कहा कि नई टीम राज्य के विकास और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नए चेहरों को मिला कैबिनेट में मौका
इस बार मंत्रिपरिषद विस्तार में भाजपा के तीन नए नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें अश्विनी रे सरकार, नीलिमा देवी और सुशांत बोरगोहेन के नाम प्रमुख हैं। इन नेताओं की एंट्री को भाजपा के संगठनात्मक संतुलन और नए नेतृत्व को बढ़ावा देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला आगामी वर्षों की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम साबित हो सकता है। इसके अलावा असम गण परिषद (AGP) के वरिष्ठ नेता केशव महंत को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वे पहले भी राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं।
शपथ लेने वाले 12 मंत्रियों की पूरी सूची
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा घोषित सूची के अनुसार निम्नलिखित विधायक कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेंगे:
- अश्विनी रे सरकार
- अशोक सिंघल
- बिमल बोरा
- विश्वजीत दैमारी
- जयंत मल्ला बरुआ
- कौशिक राय
- केशव महंत
- कृष्णेंदु पॉल
- नीलिमा देवी
- पीयूष हजारिका
- डॉ. रनोज पेगु
- सुशांत बोरगोहेन
इनमें से अधिकांश नेता सरमा सरकार के पहले कार्यकाल में भी मंत्री रह चुके हैं और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में मंत्रिपरिषद विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नामित विधायक 5 जून को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया। राजनीतिक हलकों में भी नई टीम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटा NDA
असम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने एक बार फिर मजबूत जनादेश हासिल किया है। 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई बहुमत प्राप्त किया। भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब पार्टी ने असम में अपने दम पर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। सहयोगी दलों बोडो पीपुल्स फ्रंट (BPF) और असम गण परिषद (AGP) को 10-10 सीटें मिलीं। इस प्रदर्शन ने राज्य में भाजपा की राजनीतिक स्थिति को पहले से कहीं अधिक मजबूत बना दिया है।
हिमंता सरमा की जीत ने फिर दिखाया प्रभाव
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जालुकबारी विधानसभा सीट से लगातार छठी बार जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग को 89,434 मतों के बड़े अंतर से हराया। यह जीत न केवल उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि राज्य में भाजपा के बढ़ते जनाधार का भी संकेत मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार नई मंत्रिपरिषद के गठन के साथ सरकार अब अपने अगले कार्यकाल की प्राथमिकताओं पर तेजी से काम शुरू करेगी।
असम की राजनीति में क्या है इसका महत्व?
नई कैबिनेट का गठन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सरकार की आगामी रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है। नए और अनुभवी नेताओं के मिश्रण से बनी यह टीम विकास, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकती है। राजनीतिक दृष्टि से यह विस्तार भाजपा के भीतर संतुलन बनाए रखने और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।