बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई लगातार तेज होती दिख रही है। Jamui EOU Raid के तहत जमुई में ग्रामीण कार्य प्रमंडल झाझा के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। Jamui EOU Raid के दौरान अब तक करीब 40 लाख रुपये नकद और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद होने की जानकारी सामने आई है। आर्थिक अपराध इकाई यानी ईओयू ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में यह कार्रवाई की है। पटना और जमुई समेत कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
Economic Offences Unit Bihar के अनुसार कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ गुप्त सूचना मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी।
जांच के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने पर 15 फरवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई।
यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है।
ईओयू का दावा है कि आरोपी अधिकारी ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है।
2 करोड़ से अधिक संपत्ति का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक गोपाल कुमार के खिलाफ करीब 2.06 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं।
ईओयू का कहना है कि यह संपत्ति उनकी वैध आय के मुकाबले काफी अधिक पाई गई।
फिलहाल एजेंसी दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में भ्रष्टाचार के मामलों में यह हाल के समय की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
पटना और जमुई में कई जगहों पर छापेमारी
शनिवार सुबह ईओयू की अलग-अलग टीमों ने पटना और जमुई में एक साथ छापेमारी शुरू की।
Patna के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित जगत विला अपार्टमेंट के फ्लैट में तलाशी ली गई।
इसके अलावा कंकड़बाग के पूर्वी इंदिरा नगर इलाके में स्थित मकान में भी जांच एजेंसियों की टीम पहुंची।
Jamui में केएम कॉलेज के पास किराये के आवास और झाझा स्थित कार्यालय में भी छापेमारी की गई।
इन सभी ठिकानों पर डीएसपी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में तलाशी अभियान चलाया गया।
40 लाख कैश और दस्तावेज बरामद
छापेमारी के दौरान अब तक लगभग 40 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसके साथ ही संपत्ति, बैंक लेनदेन और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
हालांकि ईओयू की ओर से अभी बरामदगी का अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्ती
बिहार में पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक अपराध इकाई ने कई बड़े अधिकारियों और सरकारी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
सरकार की ओर से भ्रष्टाचार के मामलों में निगरानी और जांच एजेंसियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने का संदेश जाता है।
हालांकि अंतिम फैसला अदालत और जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच एजेंसियों की नजर अन्य संपत्तियों पर भी
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां गोपाल कुमार से जुड़े अन्य निवेश और संपत्तियों की भी जानकारी जुटा रही हैं।
संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
ईओयू अब डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों और संपत्ति खरीद से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो आरोपी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज हो सकती है।
बिहार में बढ़ी कार्रवाई की चर्चा
इस छापेमारी के बाद बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।
लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मान रहे हैं। वहीं कुछ लोग जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कह रहे हैं।
फिलहाल ईओयू की टीम सभी बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन करने में जुटी हुई है।
