
धनबाद में हनीट्रैप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां हनीट्रैप के जरिए एक व्यवसायी को निशाना बनाकर लाखों रुपये ठग लिए गए। सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद आरोपी महिला ने व्यवसायी को मिलने के बहाने बुलाया और नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। पुलिस ने मामले की मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुट गई है।
कैसे रचा गया हनीट्रैप का जाल
मामला लोयाबाद थाना क्षेत्र का है, जहां सरायढेला निवासी एक व्यवसायी सोशल मीडिया पर एक महिला के संपर्क में आया। बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई और फिर महिला ने 28 अप्रैल को मिलने का प्रस्ताव रखा।
व्यवसायी जब महिला के घर पहुंचा, तो उसे नशीला पदार्थ पिला दिया गया। इसके बाद उसे बेहोश कर एक अन्य युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया।
यहीं से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल, जिसने पीड़ित को गहरे संकट में डाल दिया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ठगी
वीडियो बनाने के बाद आरोपी महिला ने यह मामला अपने गिरोह को सौंप दिया। गिरोह के अन्य सदस्यों ने व्यवसायी को वीडियो दिखाकर उसे वायरल करने की धमकी दी।
डर और सामाजिक बदनामी के भय से पीड़ित ने आरोपियों को 4 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इतना ही नहीं, उसने अपने गहने भी उन्हें सौंप दिए।
बताया जा रहा है कि गिरोह ने कुल 10 लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन फिलहाल 4 लाख रुपये ही वसूले गए।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम है। इस गिरोह में कई युवक और युवतियां शामिल हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए अपने शिकार को चुनते हैं।
पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके पति समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
थाना प्रभारी पिंकू प्रसाद के अनुसार, आरोपी महिला पहले भी इसी तरह के हनीट्रैप मामलों में जेल जा चुकी है, जिससे यह साफ होता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय है।
कैसे काम करता है हनीट्रैप गिरोह
हनीट्रैप गिरोह आमतौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता है। पहले वे अपने टारगेट से दोस्ती करते हैं, फिर विश्वास जीतते हैं और मुलाकात के लिए बुलाते हैं।
मुलाकात के दौरान नशीला पदार्थ देकर शिकार को बेहोश किया जाता है और आपत्तिजनक वीडियो या फोटो बना लिए जाते हैं। इसके बाद ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू होता है।
इस तरह के मामलों में पीड़ित अक्सर बदनामी के डर से पुलिस तक नहीं पहुंचते, जिससे अपराधियों का हौसला और बढ़ता है।
सावधान रहें: ऐसे बचें हनीट्रैप से
- सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दूरी बनाकर रखें
- निजी जानकारी या फोटो शेयर करने से बचें
- किसी भी संदिग्ध मुलाकात से पहले पूरी जांच करें
- ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें
निष्कर्ष
धनबाद का यह हनीट्रैप मामला न केवल एक आपराधिक घटना है, बल्कि यह डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों की गंभीर चेतावनी भी है। पुलिस की कार्रवाई से गिरोह के नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है, लेकिन समाज को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
Source: स्थानीय पुलिस व मीडिया रिपोर्ट (धनबाद)