भागलपुर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सिंह की सड़क हादसे में मौत, शोक की लहर

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बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भागलपुर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा की सड़क हादसे में मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। यह सड़क हादसे में मौत उस समय हुई जब प्रवीण सिंह दिल्ली से पटना लौट रहे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सड़क हादसे में मौत का कारण उनकी कार का डिवाइडर से टकराकर पलटना बताया जा रहा है। इस दर्दनाक सड़क हादसे में मौत की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।


हादसा कैसे हुआ?

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उत्तर प्रदेश के कन्नौज इलाके में हुआ। प्रवीण सिंह कुशवाहा दिल्ली से पटना लौट रहे थे, तभी उनकी कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार पलट गई और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया।


इलाज के दौरान तोड़ा दम

हादसे में प्रवीण सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर किया। लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस खबर ने उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को गहरे सदमे में डाल दिया।

कार में उनके साथ मौजूद एक महिला भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिनका इलाज जारी है। वहीं ड्राइवर विनोद मंडल और विभु आर्यन को मामूली चोटें आई हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।


हाल ही में बने थे जिलाध्यक्ष

प्रवीण सिंह कुशवाहा को हाल ही में भागलपुर कांग्रेस का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनके संगठनात्मक कौशल और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी।

वे सिर्फ जिलास्तर तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष और AICC के सदस्य के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके थे। उनकी गिनती बिहार कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में होती थी।


चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका

प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कई चुनावों में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई थी। उन्होंने साल 2025 में भागलपुर जिले के कहलगांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में महागठबंधन के भीतर कांग्रेस और आरजेडी के बीच फ्रेंडली फाइट देखने को मिली थी, जिसका फायदा जेडीयू उम्मीदवार को मिला।

इसके अलावा उन्होंने 2020 में पटना साहिब और 2005 में भागलपुर से भी चुनाव लड़ा था। भले ही वे हर बार जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने अपनी मजबूत राजनीतिक उपस्थिति बनाए रखी।


राजनीतिक गलियारों में शोक

प्रवीण सिंह की अचानक मौत से बिहार की राजनीति में शोक की लहर है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें एक जुझारू और समर्पित नेता बताया।

उनके समर्थकों के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि वे संगठन को मजबूत करने में लगातार जुटे हुए थे। उनकी नेतृत्व क्षमता और जनसंपर्क कौशल को पार्टी में खास महत्व दिया जाता था।


सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार हो रहे सड़क हादसे यह संकेत देते हैं कि सड़क पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान ड्राइविंग में सतर्कता, वाहन की स्थिति और सड़क के हालात पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।


Source: स्थानीय पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स

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