बिहार जनगणना 2027: अब स्कूल के बाद ही सर्वे करेंगे शिक्षक


 

बिहार जनगणना 2027 को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब बिहार जनगणना 2027 के तहत ड्यूटी कर रहे शिक्षक स्कूल समय में नहीं, बल्कि पढ़ाई खत्म होने के बाद जनगणना का काम करेंगे। शिक्षा विभाग का कहना है कि इससे स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और नियमित कक्षाएं पहले की तरह चलती रहेंगी।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंदर ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षक अपने नियमित शिक्षण कार्य के साथ ही फील्ड वर्क करेंगे। इसके लिए स्कूल खुलने से पहले या छुट्टी होने के बाद का समय तय किया गया है।

स्कूल टाइम में नहीं होगा जनगणना का काम

शिक्षा विभाग के आदेश के बाद अब साफ हो गया है कि शिक्षक स्कूल समय के दौरान जनगणना कार्य नहीं कर सकेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि बच्चों की पढ़ाई पर किसी प्रकार का असर न पड़े।

राज्य के सरकारी स्कूल इन दिनों गर्मी के कारण मॉर्निंग शिफ्ट में चल रहे हैं। स्कूलों की टाइमिंग सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित है। ऐसे में सुबह जल्दी घर-घर जाकर सर्वे करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं माना जा रहा।

इसी वजह से शिक्षकों को दोपहर या शाम में जनगणना से जुड़ा फील्ड वर्क करना होगा।

शिक्षकों की बढ़ी चिंता और काम का दबाव

हालांकि शिक्षा विभाग के इस फैसले से शिक्षकों की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। कई जिलों में उपस्थिति दर्ज करने को लेकर अलग-अलग निर्देश जारी किए जा रहे थे, जिससे भ्रम की स्थिति बन गई थी।

प्रगणक और पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त शिक्षकों ने मांग की थी कि उन्हें अनिवार्य प्रशिक्षण संबंधी दायित्वों से कुछ समय के लिए राहत दी जाए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना ड्यूटी के दौरान उपस्थिति दर्ज करने के लिए पूरे राज्य में एक समान नियम लागू होने चाहिए।

शिक्षा विभाग ने इस पर स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य अतिरिक्त जिम्मेदारी के रूप में किया जाएगा। यानी नियमित स्कूल ड्यूटी के साथ-साथ शिक्षकों को यह कार्य भी संभालना होगा।

31 मई तक चलेगा मकानों का सूचीकरण

बिहार में जनगणना 2027 का पहला चरण फिलहाल जारी है। 1 मई तक स्वगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 2 मई से मकानों की गिनती और सूचीकरण शुरू हो चुका है।

इस चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और परिवारों का सर्वे कर रहे हैं। यह अभियान 31 मई तक चलेगा। राज्यभर में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी इस कार्य में लगाई गई है।

सरकार का मानना है कि शिक्षक प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में सक्षम होते हैं, इसलिए उन्हें इस अभियान में प्रमुख भूमिका दी गई है।

पढ़ाई प्रभावित नहीं करने पर सरकार का जोर

शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी अपनी नियमित सेवा के अतिरिक्त फील्ड वर्क करेंगे।

इसी आधार पर बिहार में भी शिक्षकों को स्कूल की पढ़ाई जारी रखते हुए जनगणना का कार्य करने का निर्देश दिया गया है। विभाग का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को बाधित किए बिना जनगणना को सफल बनाना प्राथमिकता है।

हालांकि शिक्षक संगठनों का कहना है कि लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियों से शिक्षकों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच चर्चा की संभावना भी जताई जा रही है।

क्या है आगे की चुनौती?

गर्मी के मौसम और मॉर्निंग स्कूल शिफ्ट के कारण शिक्षकों के सामने समय प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। दोपहर में तेज गर्मी के बीच घर-घर जाकर सर्वे करना आसान नहीं होगा।

इसके बावजूद प्रशासन चाहता है कि जनगणना का काम तय समयसीमा के भीतर पूरा हो। ऐसे में आने वाले दिनों में जिलों में अतिरिक्त दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।

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