बिहार की राजनीति में चर्चित नाम और मोकामा से जेडीयू विधायक Anant Singh एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। अनंत सिंह वायरल वीडियो मामले में गोपालगंज पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें हथियारों की फॉरेंसिक और बैलेस्टिक जांच के लिए मीरगंज थाने में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है। अनंत सिंह वायरल वीडियो मामले में पुलिस यह जांच करना चाहती है कि वीडियो में दिख रहे हथियार लाइसेंसी थे या अवैध। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
पुलिस के अनुसार मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित एक निजी कार्यक्रम से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में हथियार प्रदर्शन, डांस और नोट उड़ाने के दृश्य सामने आए थे, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
मीरगंज थाने में पेश होने का नोटिस
गोपालगंज पुलिस ने मीरगंज थाना कांड संख्या 247/2026 के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने विधायक अनंत सिंह को 15 मई को थाने पहुंचकर हथियारों की जांच कराने का निर्देश दिया है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वीडियो में दिखाई दे रहे हथियार वैध लाइसेंस वाले हैं या नहीं। इसके लिए एफएसएल और बैलेस्टिक जांच कराई जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
कोर्ट से नहीं मिली राहत
इस मामले में अनंत सिंह को अदालत से भी फिलहाल राहत नहीं मिली है।
गोपालगंज स्थित एडीजे-3 सह एमपी-एमएलए कोर्ट में शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने केस डायरी तलब करते हुए अगली सुनवाई 20 मई तय की है।
अनंत सिंह ने वायरल वीडियो और अवैध हथियार मामले में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने तुरंत राहत देने से इनकार कर दिया।
इस फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं।
कार्यक्रम में क्या हुआ था?
जानकारी के मुताबिक 2 और 3 मई 2026 को अनंत सिंह गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र स्थित सेमराव गांव पहुंचे थे।
यह कार्यक्रम जनेऊ संस्कार से जुड़ा बताया गया है। दो दिनों तक चले आयोजन में बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग हथियार लहराते दिखाई दिए। इसके अलावा डांस और नोट उड़ाने के दृश्य भी वायरल हुए।
वीडियो तेजी से फैलने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया।
9 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
पुलिस ने इस मामले में कुल 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है।
एफआईआर में अनंत सिंह के अलावा भोजपुरी गायक Gunjan Singh, कार्यक्रम आयोजक गुड्डू राय समेत कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों पर सार्वजनिक स्थान पर हथियार प्रदर्शन, शांति भंग करने और अश्लीलता फैलाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
गोपालगंज पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
अनंत सिंह ने आरोपों को बताया साजिश
वहीं दूसरी ओर अनंत सिंह ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया है।
उनका कहना है कि वे केवल एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और उनका हथियार प्रदर्शन या किसी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में इस तरह के पारिवारिक आयोजन आम बात हैं और विरोधी जानबूझकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि पुलिस अब वायरल वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
बैलेस्टिक रिपोर्ट पर टिकी नजर
इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका बैलेस्टिक और एफएसएल रिपोर्ट की मानी जा रही है।
अगर जांच में हथियार अवैध पाए जाते हैं तो अनंत सिंह और अन्य आरोपियों पर आर्म्स एक्ट की सख्त धाराएं लग सकती हैं।
वहीं यदि हथियार लाइसेंसी साबित होते हैं, तब भी सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन और कानून व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप बने रह सकते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जांच रिपोर्ट इस केस की दिशा तय करेगी।
बिहार की राजनीति में फिर गर्म हुआ माहौल
अनंत सिंह लंबे समय से बिहार की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं।
वे कई बार विवादों और कानूनी मामलों में घिर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी राजनीतिक पकड़ बनी रही है।
अब इस नए मामले ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।
फिलहाल सबकी नजर पुलिस जांच और कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।
