ट्रंप पर बड़ा फैसला? 25वें संशोधन को लेकर अमेरिका में घमासान

 


25वें संशोधन को लेकर अमेरिका में घमासान

अमेरिका में ट्रंप 25वें संशोधन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अप्रैल 2026 में वॉशिंगटन में यह मुद्दा तब उभरा जब कांग्रेस सदस्य रशीदा तलैब ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हटाने की मांग की। ट्रंप 25वें संशोधन पर बहस इसलिए तेज हुई क्योंकि ईरान को लेकर उनके बयानों ने राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया। सवाल यह है कि क्या ट्रंप को इस संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए हटाया जा सकता है और यह कैसे काम करती है।


क्यों उठी ट्रंप को हटाने की मांग?

अमेरिका में हालात तब गरमा गए जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद आक्रामक बयान दिए। उन्होंने ‘एक पूरी सभ्यता खत्म करने’ जैसी चेतावनी दी, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई।

कांग्रेस सदस्य रशीदा तलैब ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्रंप को ‘वॉर क्रिमिनल’ बताते हुए 25वें संशोधन लागू करने की मांग की।

यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और अमेरिकी संसद में भी इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई।


क्या है 25वां संशोधन? आसान भाषा में समझें

अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन 1967 में लागू किया गया था। इसका मकसद राष्ट्रपति के पद से जुड़े उत्तराधिकार और अक्षमता की स्थिति को स्पष्ट करना था।

इस संशोधन के चार मुख्य हिस्से हैं:

  • सेक्शन 1-2: राष्ट्रपति की मौत या इस्तीफे पर उपराष्ट्रपति तुरंत पद संभालते हैं
  • सेक्शन 3: राष्ट्रपति खुद असमर्थ होने पर अस्थायी रूप से जिम्मेदारी सौंप सकते हैं
  • सेक्शन 4: सबसे विवादित—राष्ट्रपति की इच्छा के खिलाफ उन्हें हटाने की प्रक्रिया

यही सेक्शन 4 इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है।


ट्रंप को कैसे हटाया जा सकता है?

25वें संशोधन के तहत राष्ट्रपति को हटाना बेहद जटिल प्रक्रिया है। इसमें कई चरण शामिल होते हैं:

1. उपराष्ट्रपति और कैबिनेट की सहमति
उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत को लिखित में कहना होगा कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों के योग्य नहीं हैं।

2. कार्यवाहक राष्ट्रपति की नियुक्ति
जैसे ही यह पत्र जमा होता है, उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति बन जाते हैं।

3. राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
अगर राष्ट्रपति खुद को सक्षम बताते हैं, तो वे अपने अधिकार वापस मांग सकते हैं।

4. संसद का अंतिम फैसला
ऐसी स्थिति में मामला कांग्रेस जाता है, जहां दो-तिहाई बहुमत से फैसला होता है।


क्यों लगभग नामुमकिन है यह प्रक्रिया?

विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप को 25वें संशोधन के तहत हटाना बेहद मुश्किल है।

वफादारी सबसे बड़ी बाधा
उपराष्ट्रपति और कैबिनेट आमतौर पर राष्ट्रपति के करीबी होते हैं। उनके खिलाफ जाना आसान नहीं होता।

कानूनी जटिलता
‘अक्षमता’ साबित करना बेहद कठिन है, खासकर जब मामला राजनीतिक फैसलों का हो।

राजनीतिक गणित
दो-तिहाई बहुमत जुटाना अमेरिकी राजनीति में बहुत बड़ी चुनौती है।


क्या पहले कभी हुआ ऐसा?

अमेरिकी इतिहास में आज तक किसी भी राष्ट्रपति को 25वें संशोधन के सेक्शन 4 के तहत जबरन नहीं हटाया गया है।

हालांकि, कई बार इसकी चर्चा जरूर हुई—खासकर संकट के समय। लेकिन यह प्रक्रिया हमेशा कागजों तक ही सीमित रही है।


आम जनता पर क्या असर?

इस पूरे विवाद का असर सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है। अमेरिका और दुनिया भर के लोग इस बहस को करीब से देख रहे हैं।

इस फैसले से लोगों को वैश्विक स्थिरता को लेकर चिंता हो सकती है, क्योंकि अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश में राजनीतिक अस्थिरता का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।

तेल की कीमतों से लेकर वैश्विक बाजार तक, हर क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।


निष्कर्ष

ट्रंप को हटाने की मांग ने अमेरिकी राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। हालांकि 25वें संशोधन का इस्तेमाल संभव है, लेकिन इसे लागू करना बेहद कठिन और जटिल प्रक्रिया है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह बहस सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहती है या कोई ठोस कदम उठाया जाता है।


Source: News18 Hindi

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