बिहार के बक्सर जिले में PM मोदी साजिश मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस PM मोदी साजिश मामला में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर प्रधानमंत्री की हत्या की योजना बनाने और विदेशी एजेंसी से संपर्क करने का आरोप है। शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला सिमरी थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पड़री गांव निवासी अमन तिवारी को उसके घर से गिरफ्तार किया है।
जिला पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रधानमंत्री के खिलाफ साजिश रचने की कोशिश कर रहा था।
गिरफ्तारी के बाद उससे गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि उसके इरादों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
विदेशी एजेंसी से संपर्क का दावा
जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA से संपर्क करने की कोशिश की थी।
उसने कथित तौर पर एक प्रस्ताव भेजा, जिसमें साजिश को अंजाम देने के बदले बड़ी रकम की मांग की गई थी।
पुलिस का कहना है कि इस दावे की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि इसकी सत्यता का पता लगाया जा सके।
22 दिनों में साजिश पूरी करने की बात
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने इस कथित साजिश को पूरा करने के लिए 22 दिनों का समय मांगा था।
इस जानकारी ने जांच को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि इससे योजना की रूपरेखा का संकेत मिलता है।
हालांकि, पुलिस अभी सभी तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
इन उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है, जिससे डिजिटल सबूत जुटाए जा सकें।
जांच टीम यह भी देख रही है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था।
दो अन्य सहयोगी भी गिरफ्तार
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दो अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया है।
तीनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके बीच संबंध और भूमिका स्पष्ट हो सके।
पुलिस का मानना है कि इससे पूरे मामले की कड़ियां जुड़ सकती हैं।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
साथ ही, अन्य राज्यों और एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है।
क्या है आगे की कार्रवाई?
पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
डिजिटल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि साजिश कितनी गंभीर थी और इसमें कौन-कौन शामिल था।
आवश्यक होने पर मामले को केंद्रीय एजेंसियों को भी सौंपा जा सकता है।
Source: पुलिस अधिकारी, मीडिया रिपोर्ट्स
