बिहार में आधार सेवा केंद्र योजना ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस आधार सेवा केंद्र योजना के तहत अब गांवों में ही आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे लोगों को शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवा केंद्र खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी है और पहले चरण में 2000 पंचायतों को शामिल किया गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि 15 अप्रैल तक इन केंद्रों को चालू कर दिया जाए, ताकि ग्रामीणों को तुरंत लाभ मिल सके।
2000 पंचायतों में शुरू होंगे आधार केंद्र
बिहार सरकार ने पहले चरण में 2000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र खोलने का फैसला किया है।
इन केंद्रों को पंचायत सरकार भवनों में स्थापित किया जाएगा, जहां स्थानीय लोग आसानी से पहुंच सकेंगे।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और सरकारी योजनाओं को आसान बनाना है।
आधार सेवाएं अब गांव में ही
इन केंद्रों के शुरू होने के बाद ग्रामीणों को आधार कार्ड से जुड़ी सभी सेवाएं अपने गांव में ही मिलेंगी।
इसमें नाम सुधार, पता अपडेट, मोबाइल नंबर लिंक और बायोमेट्रिक अपडेट जैसी सेवाएं शामिल हैं।
अब लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय या शहर नहीं जाना पड़ेगा।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
पंचायती राज विभाग ने इस योजना को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
निदेशक नवीन कुमार सिंह ने 21 जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर समय पर काम पूरा करने को कहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय सीमा में काम पूरा नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
ई-पंचायत पोर्टल से होगी निगरानी
योजना की निगरानी के लिए ई-पंचायत बिहार पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है।
इस पोर्टल पर यूसी मॉड्यूल के जरिए सभी कार्यों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी।
इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और समय पर काम पूरा करने में मदद मिलेगी।
24 घंटे में मिलेगा मृत्यु प्रमाण पत्र
सरकार ने पंचायत स्तर पर एक और बड़ी सुविधा शुरू की है।
अब ग्रामीणों को मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
नई व्यवस्था के तहत पंचायत स्तर पर ही 24 घंटे के अंदर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
सोलर लाइट से रोशन हो रहे गांव
राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है।
21 जिलों में अब तक 6.67 लाख से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जा चुकी हैं।
जहां काम अधूरा है, वहां संबंधित एजेंसियों को जल्द पूरा करने और लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों को क्या होगा फायदा?
इस योजना से ग्रामीणों को कई तरह के फायदे होंगे।
सबसे बड़ा फायदा यह है कि समय और पैसे दोनों की बचत होगी, क्योंकि अब शहर जाने की जरूरत नहीं होगी।
इसके अलावा, सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच से लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
डिजिटल बिहार की ओर बड़ा कदम
यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
गांवों में आधार सेवाओं की उपलब्धता से डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को फायदा होगा।
Source: सरकारी विभाग, मीडिया रिपोर्ट्स

