बिहार में 9196 नौकरियां, 208 डिग्री कॉलेजों में भर्ती

 


पटना: बिहार जॉब्स 2026 (Bihar Jobs 2026) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बिहार में 208 नए डिग्री कॉलेजों में 9196 पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार जॉब्स 2026 के तहत यह भर्ती कब, कहां और कैसे होगी—इसका प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग को भेज दिया है। इसका उद्देश्य राज्य में उच्च शिक्षा को मजबूत करना और युवाओं को रोजगार के अवसर देना है।

इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी पाने का मौका मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

किन-किन पदों पर होगी भर्ती?

इस बड़े भर्ती अभियान में कुल 9196 पद शामिल किए गए हैं। इनमें शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक दोनों तरह के पद हैं।

  • प्राचार्य: 209 पद
  • सहायक प्राध्यापक: 6479 पद
  • गैर-शैक्षणिक कर्मचारी: 2508 पद

गैर-शैक्षणिक पदों में लिपिक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लैब असिस्टेंट और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी शामिल होंगे।

हर डिग्री कॉलेज में एक प्राचार्य और कई विषयों के शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।

भर्ती प्रक्रिया कैसे होगी?

भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए अलग-अलग आयोगों को जिम्मेदारी दी गई है।

  • प्राचार्य और सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति: बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग
  • लिपिक और अन्य कर्मचारी: राज्य कर्मचारी चयन आयोग
  • तकनीकी पद: राज्य तकनीकी सेवा आयोग

फिलहाल प्रस्ताव वित्त विभाग के पास है। इसके बाद इसे प्रशासी पदवर्ग समिति और विधि विभाग से मंजूरी मिलेगी।

अंतिम स्वीकृति राज्य कैबिनेट से मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

कब से शुरू होगी पढ़ाई?

सरकार का लक्ष्य है कि शैक्षणिक सत्र 2026-30 से इन नए कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो जाए।

शुरुआत में कला संकाय के 6 विषयों में नामांकन लिया जाएगा:

  • इतिहास
  • भूगोल
  • राजनीतिशास्त्र
  • समाजशास्त्र
  • हिन्दी
  • अंग्रेजी

इसके बाद धीरे-धीरे अन्य विषयों को भी जोड़ा जाएगा।

किन विषयों के लिए बनाए गए पद?

इन नए कॉलेजों में कुल 15 विषयों के लिए शिक्षक पद सृजित किए गए हैं।

कला संकाय:
इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र

विज्ञान संकाय:
गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान

वाणिज्य संकाय:
कॉमर्स

हर विषय के लिए दो-दो सहायक प्रोफेसर नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही एक व्यावसायिक विषय के शिक्षक की भी नियुक्ति होगी।

हर प्रखंड में खुलेगा डिग्री कॉलेज

राज्य सरकार की योजना है कि हर प्रखंड स्तर पर एक डिग्री कॉलेज स्थापित किया जाए।

इसके लिए सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जमीन चिन्हित कर शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेज दी है।

इससे ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों को अपने ही इलाके में उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी।

शिक्षा और रोजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, इस योजना से राज्य में सकल नामांकन अनुपात (GER) बढ़ेगा।

  • वर्तमान GER: लगभग 17%
  • राष्ट्रीय औसत: 29.5%

नए कॉलेज खुलने से ज्यादा छात्र उच्च शिक्षा से जुड़ सकेंगे और शिक्षा का स्तर भी बेहतर होगा।

इसके साथ ही हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

क्यों अहम है यह फैसला?

यह फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • युवाओं को बड़े पैमाने पर नौकरी का मौका
  • ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार
  • उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार
  • राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

यह पहल बिहार को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।

अभ्यर्थियों के लिए क्या करें?

जो उम्मीदवार इस भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अभी से तैयारी शुरू करें।

  • संबंधित विषय में योग्यता पूरी करें
  • आयोगों की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें
  • सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को समझें

कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।


Source: उच्च शिक्षा विभाग, बिहार

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